वारिस रफी बदायूंनी फिरोजाबाद में 'कामिनी अवॉर्ड' से सम्मानित, बदायूं का नाम किया रोशन
बदायूं। जनपद में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बदायूं जिला हमेशा से शायरों, अदीबो की धरती रही है। इसी शहर के लेवला चौक के रहने वाले शायर और साहित्यकर ई० वारिस रफी को फिरोजाबाद की धरती पर आयोजित एक साहित्यिक समारोह में 'कामिनी अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
बता दें विगत दिवस फिरोजाबाद में उर्दू साहित्य और शिक्षा जगत में विशेष योगदान के लिए पहचान रखने वाले इस्लामियां इंटर कॉलेज के प्रबंधक के रूप में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनने वाले रफ़ी उद्दीन कामिनी की बरसी पर कामिनी उर्दू केंद्र द्धारा "याद-ए-रफ़ी" उनवान से एक भव्य साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। जिसमें शहर एवं आसपास क्षेत्र के तमाम साहित्यिक, सामाजिक एवं शैक्षिक हस्तियों ने शिरकत की।
इस मौके पर मुख्य अतिथि मास्टर फ़ज़ल अहमद ने ई० वारिस रफ़ी बदायूंनी को शाल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि के साथ ही कामिनी उर्दू केंद्र के मुख्तार नसीम और मुईनुद्दीन ने बदायूं के शायर और साहित्यकर ई० वारिस रफ़ी बदायूंनी को कामिनी अवॉर्ड और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। जबकि मियां बिसारुद्दीन ने अभिनंदन पत्र पढ़कर उन्हें भेंट किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि वारिस रफ़ी बदायूंनी जैसे साहित्यकारों और शायरों के प्रोत्साहन से उर्दू भाषा और साहित्य को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को और अधिक प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि साहित्य,संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके। वारिस रफ़ी बदायूंनी ने इस सम्मान के लिए कामिनी उर्दू केंद्र के सभी अराकीन का शुक्रिया अदा किया।
बदायूं के शायरों ने किया खुशी का इज़हार, पेश की मुबारकबाद
बदायूं में उनके शुभ चिंतकों में इस खबर से खुशी की लहर दौड़ गई। और साहित्यकर व शायरों ने वारिस रफ़ी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। बज़्म-ए-अहबाब के सदर अल्हाज आज़म फरशोरी, बज़्म-ए- फ़िगार के सदर वरिष्ठ उस्ताद शायर डॉ मुजाहिद नाज़ बदायूंनी, शम्स मुजाहिदी, वरिष्ठ शायर सुरेंद्र नाज़, इक्तिदार इमाम, उज्ज्वल वशिष्ठ आदि ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।




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