राष्ट्रीय गीतकार डॉ. उर्मिलेश के 75वें जन्म जयंती वर्ष में "डॉ. उर्मिलेश अमृत महोत्सव" में वर्ष भर होंगे विभिन्न कार्यक्रम
6 जुलाई को जन्मस्थान इस्लामनगर से होगा महोत्सव का प्रारम्भ
बदायूं 9 जून 2026। बदायूं जनपद के गौरव राष्ट्रीय गीतकार कवि डॉ. उर्मिलेश के 75वें जन्म जयंती वर्ष में वर्ष भर आयोजनों के माध्यम से मनाया जायेगा डॉ. उर्मिलेश अमृत महोत्सव। डॉ. उर्मिलेश जनचेतना समिति द्वारा आज बदायँू क्लब सभागार में आयोजित बैठक में समिति के सदस्यों एवं साहित्य व संस्कृति प्रेमियों द्वारा गहन विचार विमर्श उपरान्त वर्ष भर आयोजित किये जाने वाले विभिन्न आयोजनों की रुपरेखा निर्धारित की गयी।
समिति के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश के व्यक्तित्व के विविध आयाम हैं जैसे साहित्य, संस्कृति, समाजसेवा एवं शैक्षिक। इन्हीं क्षेत्रों को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष भर विविध कार्यक्रम लगातार आयोजित किये जायेंगे। डॉ. उर्मिलेश के जन्मदिवस 6 जुलाई को उनके जन्मस्थान इस्लामनगर (ननिहाल) में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन संयोजक हितेन्द्र शंखधार के संयोजन में आयोजित होगा जहां से अमृत महोत्सव वर्ष चलेगा। इसके साथ-साथ कविता चली गांव की ओर कार्यक्रम अन्तर्गत उनके पैतृक ग्राम भतरी गोवर्धन पुर सहित जिले की समस्त तहसीलों में कवि सम्मेलन एवं युवा प्रतिभाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की जायेंगी। शैक्षिक क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्तर की काव्य प्रतियोगिता, माध्यममिक विद्यालय के छात्र/छात्राओं की जनपद स्तरीय काव्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन। सांस्कृतिक क्षेत्र में अखिल भारतीय स्तर की भजन व ग़ज़ल संध्या, सहित जनपद के विराट आयोजन बदायँू महोत्सव का आयोजन। सामाजिक क्षेत्र में पर्यावरण जागरुकता, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर जैसे आयोजन किये जाये। साहित्यिक क्षेत्र में अखिल भारतीय स्तर का कवि सम्मेलन एवं ऑल इण्डिया मुशायरा का भव्य आयोजन, डॉ. उर्मिलेश के व्यक्तित्व व कृतित्व पर डाक्यूमेंट्री, विविध आयामों को रेखाकिंत करते हुए विषय पर सेमिनार, संगोष्ठी का आयोजन।
अमृत महोत्सव की संयोजक डॉ. सोनरुपा विशाल ने बताया कि डॉ. उर्मिलेश के देश व विदेश में रह रहे शुभचिन्तकों द्वारा भी अनेक आयोजन किये जा रहे हैं जैसे भोपाल, बी.एच.यू., लखनऊ साहित्य सभा, आदि इसके साथ सोशल मीडिया पर भी उनके कवितायें, ग़ज़ल, गीत-नवगीत, मुक्तक, दोहा आदि पाठकों के लिए उपलब्ध कराये जायेंगे। इस वर्ष उनके भगवान हनुमान जी को समर्पित 700 चौपाईयों का संग्रह भी प्रकाशित किया जायेगा। इस अवसर पर सदस्यों द्वारा डॉ. उर्मिलेश के गौरव ग्रन्थ, उनके सन्दर्भ में एक टाइटल गीत, उनके नाम से डॉ. उर्मिलेश सृजन सम्मान, विभिन्न युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने, उनके साहित्य को कोर्स में लगाने हेतु प्रयास किये जाने, उनके अनछिपे पहलुओं पर चर्चा, जनपद के विविध स्थानों पर उनके प्रसिद्ध रचनाओं का चित्रण/पेंटिग आदि जैसे अनेक सुझाव दिये गये।
वरिष्ठ सदस्य रजनीश गुप्ता ने कहा कि उनके याद में जो भी आयोजन हों वह भव्य रुप में आयोजित हों।
डॉ. रामबहाुदर व्यथित ने कहा कि उनके साहित्य के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाये। सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि उनके साहित्य कोर्स में लगवाने हेतु शासन स्तर पर प्रयास किया जाये। डॉ. एस. के. गुप्ता ने कहा कि क्लब में लगी हुयी डॉ. उर्मिलेश की प्रतिमा एवं डॉ. उर्मिलेश मार्ग के जीर्णोद्धार हेतु जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर कराया जाये। समिति की अध्यक्ष मंजुल शंखधार ने कहा सभी सम्मानित सदस्य वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रम अपने मार्गदर्शन और सहयोग से सफल बनाये। संरक्षक श्याम जी शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सम्पूर्ण वर्ष जो भी आयोजन निर्धारित हों व उचित प्रकार से संयोजित कर व्यवस्थित हो किये जाये तभी सफलता निश्चित होगी। बैठक के अन्त में सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक का संचालन रविन्द्र मोहन सक्सेना ने किया।
बैठक में वीरेन्द्र धींगड़ा, डॉ. मधु गौतम, डॉ. भास्कर शर्मा, डॉ. शैलेन्द्र कबीर, रवि भूषण पाठक, डॉ. मदनमोहन लाल, दीपक सक्सेना, प्रदीप शर्मा, भारत शर्मा, कुमार आशीष, राहुल चौबे, आलोक पाठक, पंकज शर्मा, नितेश वार्ष्णेय, नितिन गुप्ता, सुशील शर्मा, डॉ. सत्यम मिश्रा, मयंक गुप्ता, आदित्य श्रोत्रिय, इकबाल असलम आदि उपस्थित रहे।





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