28वें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना, प्रशासन की खामोशी पर भड़के किसान, बरेली मंडलायुक्त कार्यालय पर भूख हड़ताल की चेतावनी बदायूँ। ज़मीन धांधली, नाले और सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों के कब्ज़े के ख़िलाफ़ भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का गुस्सा फूट पड़ा है। मालवीय आवास गृह पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 28वें दिन भी बदस्तूर जारी रहा। लगातार उठ रही आवाज़ों के बावजूद प्रशासनिक ढिलाई और अफ़सरों की अनदेखी से आक्रोशित किसान नेताओं ने अब आंदोलन को आर-पार की लड़ाई में बदलने का ऐलान कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान बरेली मंडलायुक्त कार्यालय पर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू करेंगे पहला मामला तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुटला दौलत के मजरा जैनुइया का है। पीड़ित प्रेमवती और भगवान दास के अनुसार, उन्होंने रामदुलार आदि से ज़मीन ख़रीदने का सौदा (समझौता) किया था। तय समय सीमा पर बैनामा करने के बजाय नियमों को ताक पर रखकर ज़मीन गजराज के नाम दर्ज करा दी गई। किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि प्रशासन की सांठगांठ या लापरवाही के कारण गरीबों की ज़मीन पर डाका डाला जा रहा है। यूनिय...