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 सरकारी आवास के बाथरूम में मिला एनेस्थीसिया के डाक्टर का शव बदायूं। जिला पुरुष अस्पताल में एनेस्थीसिया के पद पर तैनात डॉक्टर गणेश यादव का शव घर में मिला है। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला। पोस्टमार्टम के बाद परिजन डॉक्टर का श‌व लेकर परिवार मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में की मौत वजह हार्ट अटैक बताई गई है। शुक्रवार की पूर्वाहन 11 बजे एनेस्थीसिया के डॉक्टर गणेश यादव का शव सरकारी आवास के बाथरूम में मिला। शुक्रवार की सुबह से डॉ. गणेश के परिवार के सदस्य लगातार फोन कर रहे थे लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने जिला महिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस एवं डॉक्टर इंदुकात वर्मा को फोन किया। डॉ. इंदुकांत वर्मा ने जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय को फोन किया। जिला अस्पताल के सीएमएस ने कर्मचारी को डॉक्टर के आवास पर भेजा तो गेट अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो डॉक्टर का शव बाथरूम में पड़ा मिला।  पहले भी पड़ चुका था हार्ट अटैक  जिला पुरुष अस्पताल में एनेस्थीसिया के पद पर तैनात डॉक्टर गणेश यादव को पहले भी दो बार हार्ट अटैक पड़ चुका था।  डॉक...
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 अमर ज्योति ठगी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, आदेश सुरक्षित बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड ठगी प्रकरण में हाईकोर्ट प्रयागराज में अंतिम सुनवाई पूरी हो गई और अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि जल्द ही इस मामले में फैसला आने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को राहत मिल सकती है। अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी ने कुछ साल पहले अधिक ब्याज का लालच देकर बदायूं और आसपास के जिलों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए थे और बाद में कंपनी के निदेशक रकम लेकर फरार हो गए। इस मामले में सदर कोतवाली में कंपनी निदेशक शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत, श्रीकांत और अन्य के खिलाफ अब तक चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि आज हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है और न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। परमार ने कहा कि पीड़ित निवेशकों को अब फैसले का इंतजार है और उम्मीद है कि न्यायालय का निर्णय उनके हित में आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला लंबे समय से चल रहा है, इसलिए अब...
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 पीपीपी मॉडल रोडवेज बस स्टैंड निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू बदायूं। शहर में बनने वाला पीपीपी मॉडल रोडवेज बस स्टैंड जल्द धरातल पर आ जायेगा। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के प्रयास से पीपीपी मॉडल रोडवेज बस स्टैंड के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने इसके निर्माण से संबंधित प्रकिया आगे बढ़ा दी है। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने शहर को पीपीपी मॉडल रोडवेज बस स्टैंड दिलाने का काम किया है। पीपीपी मॉडल बस स्टैंड के लिए मंजूरी मिलने के बाद टेंडर संबंधित प्रकिया भी आगे बढ़ा दी है। टेंडर प्रकिया पूरी होने के बाद धरातल पर काम शुरू करा दिया जायेगा। पीपीपी मॉडल बस स्टैंड बनाने के दौरान पुरानी बिल्डिंग को ध्वस्त किया जायेगा। इसके लिए भी निगम के अधिकारियों ने फाइल आगे बढ़ा दी है। निगम के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से पीपीपी मॉडल बस स्टैंड निर्माण संबंधी प्रकिया जारी है, जल्द पीपीपी मॉडल बस स्टैंड कार्य धरातल पर शुरू हो जायेगा। बस स्टैंड निर्माण के लिए 106 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि पीपीपी मॉडल बस स्टैंड आधुनिक तकनीक ए...
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पुलिस लाइन मैदान में दंगा नियंत्रण ड्रिल की तैयारी परखी बदायूं। जिले में कानून-व्यवस्था को हर हाल में नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस लाइन मैदान में दंगा नियंत्रण ड्रिल आयोजित की गई। एसएसपी अंकिता शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने उग्र भीड़ से निपटने, हालात काबू करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों का सजीव अभ्यास कर अपनी तैयारियों को परखा। शुक्रवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में शुक्रवार को दंगा नियंत्रण (बलवा) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें वास्तविक हालात जैसा दृश्य तैयार कर पुलिस की कार्यकुशलता का परीक्षण किया गया। एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों और पुलिस की भूमिका निभाते हुए उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। शुरुआत में प्रदर्शनकारियों को समझाने और चेतावनी देने के तरीके अपनाए गए, लेकिन भीड़ के उग्र होने पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए हल्का बल प्रयोग किया। पथराव की स्थिति में बचाव, आंसू गैस के गोले दागना, रबर बुलेट और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। ड्रिल के दौरान उपद्रवियों...
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 दान में मिले रुपये और गेहूं लेकर बाबा फरार बदायूं। उसावां क्षेत्र के गांव वान बोसारी में एक बाबा पर ग्रामीणों से दान में मिले रुपये और गेहूं लेकर फरार होने व विरोध करने पर हमला करने का आरोप लगा है। मामले में ग्रामीणों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। गांव के रहने वाले रामकुमार ने बताया कि गांव के लोगों ने ढाके बाबा मणि के निर्माण के लिए बाबा सत्यवीर पुत्र शेर सिंह को 50 हजार रुपये नकद और 10 क्विंटल गेहूं दान में दिया था। बाबा वहीं रहकर पूजा-अर्चना करते थे। आरोप है कि दान में मिली रकम और अनाज को बेचने के बाद बाबा सत्यवीर वहां से फरार हो गए।
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मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को नाबालिग बताने पर भड़का आक्रोश, जांच में निकला बालिग  ढाई घंटे लगा जाम,पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची बिल्सी। अस्पताल के पास से छह साल की बच्ची को अगवा कर दरिंदगी करने वाले आरोपी को नाबालिग बताने पर परिजनों व गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लगा दिया। आरोप था कि पुलिस आरोपी को नाबालिग दिखाकर उसे राहत देने की कोशिश कर रही है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिल्सी कोतवाली के अलावा पांच स्थानों की पुलिस, सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुलवाया। हालांकि, पुलिस ने आधार कार्ड के अनुसार आरोपी को बालिग पाया और उसे जेल भेज दिया। गुरुवार शाम बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अस्पताल के पास से मासूम को एक युवक अगवा कर खेत में ले गया और उसके साथ युवक ने अपने साथी के सहयोग से दरिंदगी किया। किसी तरह युवक से छूटकर बच्ची अपने घर पहुंची तो उसने पूरी घटना परिवार के लोगों को बताई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बच्...
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 अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई करो। हीलाहवाली नहीं चलेगी : एसएसपी बदायूं। एसएसपी अंकिता शर्मा की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। साफ कहा, अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई करो। हीलाहवाली नहीं चलेगी। सट्टा, जुआ चलता मिला तो खैर नहीं। पुराने लंबित मामले का खुलासा करें। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा गई। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे। इस दौरान लंबित विवेचनाएं, महिला व बाल अपराध, साइबर अपराध, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, ई-साक्ष्य, ई-सम्मन, ऑपरेशन दहन और आईजीआरएस/पीजीआर पोर्टल की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लुटेरे, चोर और पेशेवर अपराधियों की निगरानी बढ़ाने, सम्मन-वारंट की समय से तामील और गवाहों की न्यायालय में पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।