कुछ तो सबब है कहरे खुदा के ढाने में, पल में गुलशन बदल गए वीराने में। चराग-ए-सुखन का मासिक तरही मुशायरा संपन्न मुशायरे में मौजूद शायर बदायूँ। बज्म चराग-ए- सुख़न के तत्वाधान में मोहल्ला सोथा स्थित फरशोरी मंजिल पर मासिक तरही मुशायरे का आयोजन मशहूर उस्ताद शायर डॉ मुजाहिद नाज़ बदायूंनी की अध्यक्षता में किया गया। जबकि संचालन कुमार आशीष ने किया। शायरों ने "नाम सभी के शामिल हैं अफसाने में" मिसरे पर बेहतरीन ग़ज़लें सुना कर साहित्यिक माहौल को खुशनुमा बना दिया। मुशायरे का आग़ाज़ अरशद रसूल की नात ए पाक से हुआ। सदारत कर रहे वरिष्ठ शायर डॉ मुजाहिद नाज़ बदायूंनी ने नेपाल त्रासदी की ओर इशारा करते हुए कहा - कुछ तो सबब है कहरे खुदा के ढाने में, पल में गुलशन बदल गए वीराने में। सुरेंद्र नाज़ बदायूंनी ने कहा - गाँव की मिट्टी सोंधी खुशबू की मालिक शहर की सड़कें माहिर पाँव जलाने में कार्यक्रम संयोजक सादिक अलापुरी ने कहा- इक खामोश मुसाफिर को ले जाने में, कितने काँधे बदले हैं पहुंचाने में। डॉ शम्स मुजाहिदी बदायूंनी ने कहा - आग का दरिया पार किया है आने में। दिल का हीरा लाया हूं नज...