अब जन्म जब मिले प्रार्थना हे प्रभु, मुझको मेरा पिता रायजादा मिले।
हास्य व्यंग कवि प्रदीप रायजादा विशाल की पुण्यतिथि काव्य गोष्ठी आयोजित
बदायूं। उत्तर प्रदेश हिन्दी प्रचार समिति द्वारा बदायूं के हास्य व्यंग के कवि प्रदीप रायजादा विशाल की पुण्यतिथि पर बजरंग नगर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता डां गीतम सिंह ने की एवं मुख्य अतिथि डां. शैलेन्द्र कबीर रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित व पुष्प अर्पित कर किया गया। सभी ने प्रदीप रायजादा विशाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। काव्य गोष्ठी का आरंभ आदर्श 'समय' द्वारा माँ सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर की गयी |
तत्पश्चात विनोद कुमार सूर्यवंशी ने पढ़ा कि -
अम्नो-अमा में घोलते नफरत का जो जहर
ऐसे सियासी लोगों को मिट्टी चटाईये।
डां. शैलेन्द्र कबीर ने पढ़ा -
अब न समय है यहां कि गहरे अंधियारे की बातें हो
पूरे मन से नई सुबह की उजियारे की बातें हो।
डां.गीतम सिंह ने पढ़ा कि -
रायजादा जी हमें यादें सुहानी दे गये
जो सदा सम्वल रहेंगी वो कहानी दे गये
उस्ताद शायर सुरेन्द्र नाज ने पढ़ा -
पंछी का पहला इश्क़ है पहली उड़ान से
आगे निकलना चाहता है आसमान से।
पानी की जगह आग की बारिश है हर तरफ
दुनिया गुज़र रही है नये इम्तिहान से।
वरिष्ठ शायर अहमद अमजदी ने कलाम पेश किया -
ईमान बेचकर वो बहुत खुश होता मगर
दौलत सुकून दे ना सकी बेईमान को
कार्यक्रम संचालक ओज कवि षट्वदन शंखधार ने पढ़ा-
शत् शत् नमन तुम्हे हृदय से श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं
आज तुम्हारी पुण्य तिथि पर आँसू सभी बहाते हैं।
जयवीर चंद्र वंशी ने कहा -
कोई काशी चला कोई कावा चला
माँ के चरणों में सिर को नवाता चला।
राजस्थान से पधारे पवन विशेष ने कहा कि -
ऐ ग़ालिब उम्र भर खड़े अजीबो गरीब हालात करता रहा
नट वोल्टदिमाग के ढीले थे मैं गाड़ी टाइट करता रहा
कवि विष्णु गोपाल अनुरागी ने पढ़ा -
मैंने चाहा नहीं मुझको ज्यादा मिले,
साथ आधा निभाने का वादा मिले ।
अब जन्म जब मिले प्रार्थना हे प्रभु ,
मुझको मेरा पिता रायजादा मिले।
कुमार आशीष ने पढ़ा कि -
गीत गन्धर्व की इस पावन सभा में ,
शब्द सुमनों के सिवा हम और क्या दे,
भावनाओं की प्रत्यंचा पर चढ़ाकर,
पुष्प शर संधान करते हैं यही से ।
इसके साथ ही पवन शंखधार ने भी काव्य पाठ किया|
वीरेंद्र कुमार, रिया रायजादा, मीनाक्षी रायजादा, विनोद कुमार सोमवंशी, अमित राठौर, उदय सोमवंशी, मनोज शंखधार, ने कवियों को सम्मानित किया|
अंत में कार्यक्रम के आयोजक शंशाक रायजादा ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।



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