रोडवेज और प्राइवेट बस की टक्कर में तीन बारातियों की मौत, 11 घायल

बदायूं। शाहजहांपुर के कलान से कासगंज लौट रही बारातियों से भरी प्राइवेट बस की बदायूं डिपो की रोडवेज बस से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि प्राइवेट बस के परखच्चे उड़ गए। हादसे में तीन बारातियों की मौत हो गई जबकि रोडवेज के चालक-परिचालक समेत 11 लोग घायल हो गए। घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

हादसा बरेली-मथुरा हाईवे स्थित उझानी के जिरौली व अब्दुल्लागंज मोड़ के बीच रविवार सुबह हुआ। कासगंज जिले के थाना सहावर के बम्बा गांव से राजीव की बारात शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के बारहकलां गांव गई थी। रविवार सुबह साढ़े तीन बजे 60 बारातियों से भरी बस कासगंज के लिए निकली। बस जैसे ही जिरौली व अब्दुल्लागंज मोड़ के पास फोरलेन निर्माण के चलते बने डायवर्जन की वजह से दूसरी साइड गई, तभी सामने से दिल्ली से बदायूं लौट रही रोडवेज बस से टक्कर हो गई। जिससे प्राइवेट बस के परखच्चे उड़ गए। जो लोग गहरी नींद में थे, वे तेज धमाके के साथ उछल पड़े। मदद की चीख-पुकार ने सन्नाटे को तोड़ दिया।

हादसा के बाद कुछ क्षणों तक किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। बस के अंदर धुआं, धूल भर गया। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए, तो कुछ सड़क पर आ गिरे। अंधेरे और घबराहट के बीच लोग अपने परिजनों को नाम लेकर पुकारते रहे। आसपास से गुजर रहे वाहन रुक गए और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। किसी ने शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकाला, तो किसी ने घायलों को संभालकर किनारे बैठाया। पुलिस और एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने पर राहत कार्य में तेजी आई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। किसी ने यूपी-112 पुलिस को फोन किया तो किसी ने 108 एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। इतना ही नहीं, आसपास मौजूद राहगीरों ने भी मानवीय संवेदना दिखाते हुए घायलों को वाहनों में बैठाकर अस्पताल पहुंचाने में अहम सहयोग दिया। अस्पताल में डॉक्टर तुरंत घायलों के इलाज ने जुट गए।

कई लोग अब भी सदमे में थे और बार-बार हादसे का मंजर याद कर सिहर उठते थे। उधर, जिन परिवारों को अनहोनी की सूचना मिली, वे अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।परिसर में रोते-बिलखते परिजनों की भीड़ लग गई।

 लोगों का कहना है कि हाईवे पर निर्माण कार्य के दौरान बनाए गए डायवर्जन स्थलों पर न तो पर्याप्त संकेतक दिखते हैं और न ही नियमित निगरानी नजर आती है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सुरक्षा इंतजाम कितने प्रभावी हैं, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।


इनकी गई जान :

हादसे में उझानी क्षेत्र के कछला के किशन (11), कासगंज के इसेपुर गांव के योगेश (30) और कासगंज के सोरों निवासी सोनू (22) की मौत हो गई।


ये हुए घायल :

 वहीं बारात में शामिल मुरारी लाल, वासु, सुरेश बाबू, अभिषेक कुमार, जीतू, मुन्नालाल, सत्यवीर, नक्षत्रपाल, रामसुशील,रोडवेज चालक प्रेमपाल व परिचालक दिलीप घायल हो गए। 


एसपी देहात ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि दोनों चालकों को हिरासत में लेकर बसों को कब्जे में लिया गया है।



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