अल्पसंख्यकों से मारपीट पर भाजपा जनप्रतिनिधि चुप क्यों? बताएं रुदायन घटना सही है या गलत: आबिद रज़ा
रुदायन काण्ड के आरोपियों पर लगे एन०एस०ए०, एसएसपी को लिखा पत्र
बदायूं। इस्लामनगर के रूदायन में अल्पसंख्यकों की पिटाई के मामले में सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्वमंत्री आबिद रजा ने कहा कि सत्ता या विपक्ष राजनीति का एक हिस्सा है, चुनाव अपनी जगह है, राजनीति अपनी जगह है, विचारधारा अपनी जगह है। इंसानियत और मानवता के लिए पक्ष-विपक्ष को एक राय होना चाहिए। इस घटना ने पूरे जिले को पूरे प्रदेश में कलंकित किया है। इसलिए सत्ता के नेता जो सबका साथ सबका विकास का नारा देते हैं उनका बयान आना चाहिए। हम और जिले की सेकुलर जनता रुदायन की घटना पर सत्ता के जनप्रतिनिधियों का नजरिया व बयान जानना चाहती है। कि दाढ़ी-टोपी देखकर मारपीट की गई और सत्ता के जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हैं और पुलिस बेबस है। रविवार को नगर पालिका गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता कर सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री आबिद रजा ने रूदायन की घटना को लेकर कहा कि घटना बेहद अफसोस जनक और इंसानियत को कलंकित करने वाली है। इस सम्बन्ध में एसएसपी बदायूँ को पत्र लिखकर कहा है कि रुदायन में जो हुआ वह खुलेआम गुण्डागर्दी है। आरोपी पर एन०एस०ए० लगना चाहिए ताकि इस तरह की पुनरावृत्ति कोई दोबारा करने की हिम्मत ना कर सके। रुदायन में जो हुआ वह मामला सिर्फ मारपीट का नहीं है बल्कि पूरे इलाके को नफरत की आग में झोकने की एक साजिश थी। आरोपी ने ना केवल मारपीट की बल्कि आरोपी में इस घटना की वीडियो बनाकर वायरल भी की, जिससे यह प्रतीत होता है कि वह इस घटना में शर्मिदा होने की जगह गर्व महसूस कर रहा है। यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक बात है।
बदायूँ जिले के हिन्दु व मुसलमान बेहद समझदार है। सेकुलर हिन्दु भाईयों ने भी इस घटना की घोर निंदा की है। इसलिए नफरत पैदा करने वाले लोगों को इस मुद्दे पर कामयाबी नहीं मिली।
हम एक आम नागरिक की हैसियत से बदायूँ जिले के विशेषतौर पर सत्ता के जनप्रतिनिधियों (भाजपा) से एक सवाल करना चाहते है कि वह इस घटना पर अपना ब्यान जारी करके बताए कि यह घटना सही है या गलत। जो मुद्दा पूरे प्रदेश की मीडिया पर सुर्खियों में चल रहा है। इस मुद्दे पर जिले में भाजपा जनप्रतिनिधि खामोश क्यूं है।
इस घटना ने पूरे बदायूँ जिले को पूरे प्रदेश में कलंकित किया है। इसलिए सत्ता के नेता जो "सबका साथ सबका विकास" का नारा देते हैं उनका ब्यान आना चाहिए। हम और बदायूँ जिले के सेकुलर हिन्दु व मुसलमान रूदायन की घटना पर सत्ता के जनप्रतिनिधियों का नजरिया जानना चाहते है।
कभी शंकराचार्य जी के साथियों का अपमान हो रहा है कभी टोपी-दाडी देखकर मारपीट की जा रही. कभी ईसाई समुदाय का अपमान हो रहा है। यह देश किस तरफ जा रहा है. क्या देश के हिन्दु, मुसलमान, सिख, ईसाईयों ने देश की आजादी के लिए यह दिन देखने के लिए अपनी जिन्दगी की कुर्बानी दी थी। आज देश के शहीदों की आत्मा को रुदायन जैसी घटना से तकलीफ होती होगी।
हमारी पुलिस प्रशासन से मांग है कि रुदायन की घटना के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एन०एस०ए० लगना चाहिए क्योंकि यह घटना दिखने में भले ही मारपीट की दिख रही है. लेकिन यह घटना पूरे जिले को नफरत की आग में झोंकने की कोशिश व साजिश थी। इस घटना के माध्यम से आरोपी धार्मिक भावनाओं को भड़काना चाहता था दो समुदाय को आपस में लड़ाना चाहता था सेकुलर लोगों ने इसकी घिनौनी चाल को नाकाम कर दिया।
बोले मैं पूरे जिले के सेकुलर हिन्दु, मुसलमान का शुक्रिया अदा करता हूँ कि दोनों समुदाय के समझदार लोगों ने इस घटना पर बहुत समझदारी से काम लिया। विशेषतौर पर सेकुलर हिन्दु भाईयों ने सोशल मीडिया से लेकर हर प्लेटफॉर्म पर इस घटना की घोर निंदा की।



