दो रोज़ा उर्स ए फरीदी का आगाज़ 28 मार्च को


बदायूँ। पिछली सालों की तरह इस साल भी बाबा फरीद के पोते कुतबे बदायूं मुफ्ती शाह मोहम्मद इब्राहिम फरीदी साहब का दो रोज़ा सालाना उर्स ए फरीदी मनाया जायेगा। इस वर्ष ये उर्स 28 मार्च से होगा।

 तरही मुशायरे के नाज़िम उस्ताद शायर डॉ मुजाहिद नाज़ कादरी बदायूंनी ने बताया कि मुफ्ती शाह मोहम्मद इब्राहिम फरीदी साहब का दो रोज़ा उर्स फरीदी का आगाज़ 28 मार्च को बाद नमाज़ ए फजर कुरआन ख्वानी से होगा। 

बाद नमाज़ ए ज़ोहर (हुज़ूर गौस पाक) 11वीं शरीफ की न्याज़ होगी। जिसके बाद शाम 4 बजे दरसे हदीस, चादर शरीफ का जुलूस मोहल्ला कमानग्रान स्थित खानकाहे आबादानिया फरीदिया से दरगाह के लिए रवाना होगा। बाद नमाजे इशा महफिल मिलाद शरीफ के बाद तरही मुशायरे में जनपद, गैर जनपद व गैर प्रांत के शोअरा हज़रात तरही नात ओ मनकबत पेश करेंगे। जिसका मिसरा तरह होगा -

 (1)  सरे महशर गुनहगारों का बस इक "आसरा" तुम हो।

 (2) बाबा साहब के हैं "नबीरा" मुफ्ती इब्राहीम फरीदी । 

इस मौके पर उलमाए इकराम की पाकीज़ा तकरीर भी होगी।

उर्स शरीफ के दूसरे दिन 29 मार्च बरोज़ इतवार को बाद नमाजे फज्र हल्कए जिक्र, कुरआन ख्वानी, न्याज, मशायेख सिलसिला, सुबह 9 बजे महफिल नात व मनकबत, तकरीर उलमा ए इकराम और दोपहर एक बजे कुल शरीफ की रस्म के बाद सलातो सलाम, शिजराह ख्वानी, दुआ ए खैर अमनो सलामती के बाद लंगर का एहतमाम किया जाएगा।  

 उन्होंने बताया कि उर्स के सभी प्रोग्राम साहिबे सज्जादा खानकाह आबादानिया फरीदिया हज़रत मोहम्मद अनवर अली फरीदी (सुहैल फरीदी) साहब की सदारत में होंगे।

साहिबे सज्जादा की किताबों की होगी रस्म-ए-इजरा 

खानकाहे आलिया फरीदिया बदायूं शरीफ से तसैव्वुफ़ पर नबिश्ता किताबों की ए- शाअत (प्रकाशन) का सिलसिला जारी है। एक दर्जन से ज्यादा किताबें और मुत्अहिद किताबचा शाए (प्रकाशित) होकर मंज़रे आम पर आ चुके हैं, फ़ज़ले रब्बी से इस साल भी मुसन्निफ़ कुतुबे कवीरा और इनआम याफ़्ता नबीरा-गंज शकर शैख़ ए तरीकत शाह मोहम्मद अनवर अली फरीदी (सोहिल फरीदी) सज्जादानशीन
की सीरत ए नबवी पर नविश्ता किताब सीरते सरवरे आलम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का उर्दू - हिन्दी एडिशन और जहाने हज़रत शैख़  मुजद्दिद का हिन्दी एडिशन का रस्म-ए-इजरा  उर्स के दूसरे दिन 29 मार्च को बरोज़ इतवार दोपहर 12 बजे होगा। 


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