बीमार पशुओं के त्वरित उपचार के लिए जारी हेल्पलाइन 1962 में तकनीकी गड़बड़ी हुई ठीक

तकनीकी खराबी के चलते 1962पर की गई  कॉल यूपी 112 पुलिस को पहुंच रही थी

  बदायूं। बीमार पशुओं के त्वरित उपचार के लिए जारी सरकारी हेल्पलाइन 1962 में आई तकनीकी खराबी के चलते कॉल यूपी 112 पुलिस को पहुंच रही थी जिसे बदायूं समाचार एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया। इसके बाद अधिकारियों ने संज्ञान लेकर इस तकनीकि खामी को दुरस्त कराया।

रविवार को कस्बा के वार्ड संख्या चार निवासी अजमेरी की भैंस रविवार को अचानक बीमार पड़ गई थी। उन्होंने मदद के लिए पशु चिकित्सा हेल्पलाइन 1962 डायल किया, लेकिन तकनीकी फाल्ट के कारण कॉल बार-बार यूपी 112 पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट हो रही थी। कुछ ही मिनटों में डॉक्टर के बजाय पुलिस की गाड़ी दरवाजे पर देख अजमेरी और मोहल्ले वाले सन्न रह गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट की थी कि यह किसी की शरारत नहीं बल्कि सिस्टम की गड़बड़ी है। इस गड़बड़ी को बदायूं समाचार एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया।खबर के चलते  पशुपालन विभाग और तकनीकी विंग में खलबली मच गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी टीम ने तत्काल प्रभाव से सर्वर और कॉल रूटिंग की समस्या को ठीक किया। अब 1962 नंबर डायल करने पर कॉल सीधे संबंधित विभाग के कंट्रोल रूम में लग रही है। वहीं, रविवार को पशुपालक ने पशुचिकित्सक के लिए हेल्पलाइन पर कॉल की तो उसकी कॉल पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट हो गई। इसके बाद डायल 112 उसके दरवाजे पर पहुंची तो मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।

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