ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर 16 से बनेंगे डीएल

सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ-साथ लाइसेंस कार्यों में आयेगी पारदर्शिता 

बदायूं। ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक 16 मार्च से चालू हो जायेगा। इसके बाद वाहन चलाने का लाइसेंस सिर्फ वही लोग ले पाएंगे जो वाहन चलाने में निपुण होंगे। ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक पर अगर गलत तरीके से वाहन चलाया तो स्वत: फेल हो जाएंगे।

ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक पर मैसर्स सिंह रेडियो सर्विस द्वारा बदरपुर बिल्सी रोड पर पांच वर्ष तक ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट लिया जायेगा। 15 मार्च के बाद मैनुअल रूप से कोई भी टेस्ट नहीं लिया जायेगा। ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट होने से प्रशिक्षित ड्राइवर ही टेस्ट पास कर पाएंगे और उन्हें के लिए डीएल जारी किया जायेगा। ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक पर ऑटोमेशन के लिए सेंसर लगे हैं, जो कि गलत तरीके से वाहन चलाने पर अयोग्य घोषित कर देंगे। ड्राइविंग ट्रैक चालू करने की सभी औपचारिकतायें पूर्ण हो चुकी हैं। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक की स्क्रूटनी/बॉयोमैट्रिक परिवहन कार्यालय द्वारा की जाएगी। इसके बाद शेष कार्य ट्रैक पर होंगे। सेंसर युक्त ट्रैक चालू होने पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ-साथ लाइसेंस कार्यों में पारदर्शिता प्रदर्शित आयेगी।

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