दो रोज़ा उर्स-ए-फरीदी का हुआ शानदार आगाज़, दरगाह पहुंचा जुलूस ए चादर शरीफ
बदायूं। हर साल की तरह इस साल भी बाबा फरीद के पोते कुतबे बदायूं हज़रत मुफ्ती शाह मोहम्मद इब्राहिम फरीदी रहमतुल्लाह अलैह का दो रोज़ा सालाना उर्स पूरे अक़ीदत व एहतराम के साथ शुरू हुआ। उर्स के पहले दिन का आगाज़ सुबह के वक्त कुरआन ख्वानी से हुआ, जिसमें उलमा-ए-कराम व हाफिज़-ए-कुरआन ने तिलावत कर ख़ास दुआएं कीं। जिसमें बड़ी संख्या में अक़ीदतमंदों ने शिरकत कर दरगाह शरीफ़ की फिज़ाओं को रूहानियत से भर दिया।सुबह से ही दूर-दराज़ इलाकों से ज़ायरीन की आमद शुरू हो गई थी, जो दिनभर जारी रही। दरगाह शरीफ़ पर हाजिरी देने और चादरपोशी के लिए अक़ीदतमंदों का दिन भर तांता लगा रहा, जिससे पूरे इलाके में रौनक का माहौल बना रहा।
न्याज़ ग्यारहवीं शरीफ और जुलूसे चादर शरीफ
-ज़ुहर की नमाज़ के बाद परम्परागत (रिवायती) तौर पर नियाज़ ग्यारहवीं शरीफ का इनक़ाद किया गया।और गौस पाक का लंगर तकसीम किया गया। बाद नमाज़ ए असर साहिबे सज्जादा खानकाह आबादानिया फरीदिया हज़रत मोहम्मद अनवर अली फरीदी (सोहिल फरीदी) ने दरसे हदीस में तफसीर से हदीस बयान कर कुरआन और हदीस पर चलने को कहा। जिसके बाद नातख्वां हज़रात ने नात शरीफ पेश की।
जुलूसे चादर शरीफ अक़ीदत व एहतिराम और रूहानी माहौल में शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस की सरपरस्ती सज्जादानशीन शैख़ ए तरीकत हज़रत शाह मोहम्मद अनवर अली सुहैल फरीदी साहब ने फरमाई। जुलूस खानकाहे फरीदिया कमानगरान बदायूं से शुरू होकर दरगाह शरीफ़ पर सकुशल सम्पन्न हुआ। जुलूस का रास्ते भर जगह-जगह अक़ीदतमंदों ने फूलों की बारिश कर ज़ोरदार इस्तकबाल किया। जुलूस जिन मार्गों से गुज़रा, वहाँ का माहौल उर्स की रूहानी खुशबुओं से सराबोर हो गया और चारों ओर उर्स-ए-फरीदी की नूरानियत व रौनक छा गई।
इस दौरान जुलूस मे शामिल अक़ीदातमंदों की उर्स ए फरीदी जिंदाबाद के नारों की रूहपरवर सदाएँ बुलंद होती रहीं, दरगाह शरीफ़ पहुंचने के बाद सज्जादानशीन द्वारा साहिबे उर्स के मज़ार पर चादरपोशी की गई। इस मौके पर अक़ीदतमंदों ने मज़ारे पाक पर हाज़िरी पेश कर चादरपोशी की और मुल्क में अमन, भाईचारे व तरक़्क़ी के लिए ख़ास दुआएँ मांगीं, जुलूस मे कई सम्मानित लोग उलमाये किराम, हुफफ़ाज़ हज़रात, शोअरा हज़रात व मस्जिद के ईमाम हज़रात ने शिरकत कि इसके अलावा उर्स मे शिरकत करने के लिए हर साल की तरह उत्तरप्रदेश के ज़्यादातर शहरों व गांव- कसबों के अलावा अन्य प्रदेशों से भी बड़ी तादाद मे मुरीदीन,अकीदतमंद ज़ायरीन पहुंच रहे है। देर रात तक मज़ारे पाक पर चादरपोशी व हाज़िरी का सिलसिला लगातार जारी रहा। जिससे दरगाह शरीफ़ व आसपास काफी रौनक रही।
उर्स का पहला दिन रूहानी माहौल में सम्पन्न हुआ,
मुरीदीन व ज़ायरीन बड़ी अक़ीदत के साथ हुज़ूर का दीदार करते रहे और उनसे दुआएं हासिल करते नज़र आए। दूर दराज़ से आये ज़ायरीन मेहमानों के लिए लंगर का भी बेहतर इंतज़ाम किया गया है, दरगाह शरीफ़ के दास्तरखवान पर एक साथ सैकड़ों ज़ायरीन लंगर का लुत्फ़ लेते रहे।
उर्स के पहले दिन का समापन दुआओं के साथ हुआ, जिसमें मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ की गई।उर्स के आगामी कार्यक्रमों में कल भी विभिन्न मज़हबी व रूहानी प्रोग्राम किए जाएंगे, जिनमें ज़ायरीन से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।


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