महिला अधिवक्ता ने पेट्रोल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास, तहसीलदार और वकीलों का विवाद सुलझा
दातागंज। तहसीलदार के व्यवहार से आहत पूर्व जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ महिला अधिवक्ता ने तहसील परिसर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। साथी अधिवक्ताओं की सतर्कता से घटना टल गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
दातागंज तहसील परिसर में सोमवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई, जब वरिष्ठ महिला अधिवक्ता आशा दीक्षित ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद साथी अधिवक्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। अधिवक्ता तहसीलदार के व्यवहार से आहत थीं और पहले भी इसको लेकर विरोध जता चुकी थीं। उन्होंने पूर्व में आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। घटना के दौरान तहसील परिसर में भारी भीड़ जुट गई और हालात तनावपूर्ण हो गए। समय रहते हस्तक्षेप होने से स्थिति पर काबू पा लिया गया। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तत्काल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी सक्रिय हुए। बताया गया कि आशा दीक्षित पहले ही डीएम से मिलकर तहसीलदार के व्यवहार की शिकायत कर चुकी थीं, लेकिन संतोषजनक समाधान न होने से नाराजगी बढ़ती गई। आत्मदाह की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए बार अध्यक्ष ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए पत्र भी दिया था। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती और पीड़ित महिला को सुरक्षा और समर्थन प्रदान किया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
विवाद का हुआ निबटारा
दातागंज तहसील में अधिवक्ताओं और तहसीलदार के बीच लंबे समय से जारी विवाद का समाधान हो गया है। एसडीएम के मध्यस्थता प्रयास से दोनों पक्षों में सुलह हो गई। अब अधिवक्ता कल से न्यायालय में विधिवत कामकाज शुरू करेंगे और कोई पक्ष किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा। दातागंज तहसीलदार रामचंद्र सिंह और अधिवक्ताओं के बीच लंबित विवाद को सुलझाने के लिए बार काउंसिल उत्तर प्रदेश और स्थानीय अधिकारियों ने मध्यस्थता की। तहसील बार के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने विवाद की जानकारी बार काउंसिल और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को दी थी। एडीएम के निर्देश पर एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बार के प्रतिनिधि मंडल और तहसीलदार को अपने चेंबर में बुलाया। दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी और सीनियर अधिवक्ता की मौजूदगी में समझौता कर विवाद समाप्त किया गया।समझौते के अनुसार किसी पक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और अधिवक्ता कल से न्यायालय में सामान्य कामकाज शुरू करेंगे।

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