बाबा साहब ने समाज के हर वर्ग को सम्मान और अधिकार दिलाने का कार्य किया : ओमप्रकाश नायक

 बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सेवा का प्रतीक है : शमसुद्दीन

बाबा साहब के आदर्शों को अपनाकर ही एक समरस और सशक्त भारत का निर्माण संभव : उमेश सिंह 

बदायूं।  ज़िला अपराध निरोधक कमेटी एवं डीएनटी महासभा द्वारा संयुक्त तत्वाधान में सहसवान तहसील के थाना मुजरिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम कोल्हाइ में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के 135 वें जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दर्जा राज्यमंत्री ओमप्रकाश नायक सदस्य- अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग तथा सेवानिवृत्त कारागार अधीक्षक आचार्य डॉ उमेश सिंह ने सहभागिता की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिक के जिला सचिव/ जेल विजिटर मुहम्मद शमसुद्दीन शम्स एवं डीएनटी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार वाल्मीकि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिक के जिला उपाध्यक्ष मुहम्मद खिज़र अहमद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ने की।

सर्वप्रथम अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर एवं पट्टिका व हार पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर किया गया।

मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री माननीय ओमप्रकाश नायक जी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज के उत्थान, समानता की स्थापना एवं भारतीय संविधान के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है, जो सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने समाज के हर वर्ग को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए जो कार्य किये, वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।


 सेवानिवृत्त कारागार अधीक्षक आचार्य डॉ उमेश सिंह ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपने संघर्ष और विचारों के माध्यम से समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की जो नींव रखी, वह आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक समरस और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

 विशिष्ट अतिथि अपराध निरोधक कमेटी के जिला सचिव पदेन जेल विजिटर मुहम्मद शमसुद्दीन शम्स ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सेवा का प्रतीक है। उन्होंने वंचित एवं पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में जागरूकता और समानता का वातावरण बनाना चाहिए। बाबा साहब के विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं और सोच बदलकर नई दिशा दिखाते हैं। 

उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने हमें सिखाया कि ‘शिक्षा स्वतंत्रता के सुनहरे दरवाजे को खोलने की कुंजी है।’

‘शिक्षा सामाजिक बुराइयों से लड़ने का एक शक्तिशाली हथियार है।’

‘जाति को खत्म करने का एकमात्र तरीका शिक्षा है।’ ‘गरीबी उन्मूलन का एकमात्र उपाय शिक्षा ही है।’

अध्यक्षता कर रहे अपराध निरोधक कमेटी के जिला उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मुहम्मद खिज़र अहमद ने कहा डाॅ. भीम राव आंबेडकर समानता और सामाजिक न्याय के समर्थक थे। उन्होंने कहा था कि ‘खुद को शिक्षित करो क्योंकि शिक्षा प्रगति की रीढ़ है।’ ‘मैं मूर्तियों में नहीं, किताबों में हूं। मुझे पूजने की नहीं, पढ़ने की जरूरत है।’ उनके ये विचार आज भी लोगों को ज्ञान और शिक्षा के महत्व की याद दिलाता है। बाबा साहब का मानना था कि शिक्षा ही सशक्तिकरण की असली कुंजी है।

विशिष्ट अतिथि रंजीत वाल्मीकि ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के इतिहास में एक ऐसे महान व्यक्तित्व है, जिन्होंने समाज, शिक्षा, राजनीति और न्याय व्यवस्था को नई दिशा दी। बाबा साहब आंबेडकर के शैक्षिक विचार समानता, शिक्षा और समाज जैसे हर विषय पर भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर अपने विचार रखते थे। 

समारोह के अंत में कार्यक्रम संयोजक अनिक के सह सचिव एवं डीएनटी महासभा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ नेत्रपाल सिंह शैलानी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार हर किसी को जानने और समझने चाहिए, जो आज भी जीवन में सही दिशा दिखाते हैं। 

बाबा साहब के ये विचार कि ‘मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।’

‘तुम्हारे पैरों में जूते भले ना हों, हाथों में किताब जरूर होनी चाहिए।’

‘जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए।’ सभी को अपने जीवन में उतार लेना चाहिए।

इस अवसर पर मुजरिया थाना प्रभारी विदेश कुमार शर्मा, उपनिरक्षक विश्व देव सिंह ,राकेश नायक, वेदप्रकाश शर्मा, नरेंद्र यादव, सुनीता देवी, कुंती देवी, नन्हे सिंह यादव, मनोज कुमार, दुर्वेश कुमार ने भी संबोधित किया।

देर शाम तक चले कार्यक्रम का सफल संचालन रक्षपाल नायक ने किया।


इस अवसर पर जय किशन बाल्मीकि, हरि सिंह, जमीर अहमद, शकी आलम, शेषपाल शाक्य, सुमुन कुमारी, दुर्वेश कुमार नूतन कुमार सोमेन्द्र कुमार गुर्जर, राजवीर जाटव, धीरेन्द्र सिंह, रूपेन्द्र सिंह, कुबेन्द्र सिंह, रामौतार सिंह निराला आदि मौजूद रहे।



कार्यक्रम के बाद सभी अतिथियों ने ग्राम ढ़कपुरा मीरापुर जाकर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की व बाबा साहब को नमन किया।




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