विश्व मलेरिया दिवस पर लोगों को किया मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक

बदायूं। विश्व मलेरिया दिवस पर साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में स्वच्छता अभियान भी चलाए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि मच्छरों का प्रकोप दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है, इस पर रोक की आवश्यकता है। आमतौर पर बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। इस मौसम में मलेरिया के मरीज भी मिलते हैं। चिंता की बात यह है कि अब हर मौसम में मच्छर मिलने लगे हैं। इससे मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है।

इस साल पिछले चार महीने में 15 नए मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल मात्र 25 अप्रैल तक चार मरीज ही मिले थे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। हर कोई इसे बरसात के मौसम में होने वाली बीमारी मानता है। समय के साथ अब मच्छरों का प्रकोप गर्मी में भी कम नहीं हो रहा है। मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि बरसात ही नहीं, गर्मी में भी मच्छर इस वजह से लग रहे हैं कि शहर में जगह-जगह जलभराव है। नाले खुले हैं, ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं है।


मलेरिया से बचाव के लिए जिले में एक्टिव एप्रोच के अंतर्गत आशा घर-घर फीवर ट्रैकिंग कर रहीं हैं। मास कॉन्टैक्ट एप्रोच के तहत पॉजिटिव पाए गए मरीज के घर के आस-पास 50 घरों में फीवर ट्रैकिंग की जाती है। लोगों को मलेरिया के प्रकोप से बचने के लिए जागरुक किया जा रहा है। इससे बचने का एक ही उपाय है कि अपने-अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें और जलभराव न होने दें।

-योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी


मलेरिया दिवस के दिन चिह्नित क्षेत्रों में बुखार की जांच के लिए कैंप लगाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को प्रार्थना सभा में मलेरिया रोग से बचाव की जानकारी दी जाएगी। आशा के माध्यम से घर-घर भ्रमण कर मच्छरों के प्रकोप को बढ़ावा देने वाले स्रोतों को नष्ट कराया जाएगा। मच्छरों का घनत्व जितना कम होगा लोग मलेरिया से उतने ही अधिक सुरक्षित होंगे।

-डॉ. मोहन झा, सीएमओ

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