.....वह अपने एहसास की खुशबू छोड़ गए।
केवल खुराना की याद में काव्य गोष्ठी आयोजित
बदायूं। आई.पी.एस.केवल खुराना स्मृति मंच द्वारा शक्ति टैन्ट हाउस, जोगीपुरा में काव्य गोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के नामचीन कवियों ने प्रतिभाग किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.रामबहादुर व्यथित ने की तथा मुख्य अतिथि सतीश चंद्र शर्मा "सुधांशु" एवं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि नरेंद्र गरल रहे।
केवल खुराना की याद में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस कार्यक्रम में शैलेंद्र देव मिश्र ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कामेश पाठक ने पढ़ा-
अटल सत्य मानो इसे समय बड़ा बलवान,
धरती पर हर जीव है कुछ दिन का मेहमान।
सुनील शर्मा समर्थ ने पढ़ा-
किसको यहां पता है अंजाम जिन्दगी का.
किस ठौर है ठिकाना क्या धाम जिन्दगी का।
मंच के संस्थापक अशोक खुराना "वितान" ने पढ़ा-
शब्दों में खोजें नहीं, "केवल" का सम्मान ,
उसका शुद्ध कृतित्व ही, है उसकी पहचान।
सुरेन्द्र नाज़ ने पढ़ा-
कागज पर अल्फाज़ के जुगनू छोड़ गए,
वह अपने एहसास की खुशबू छोड़ गए।
कुमार आशीष ने पढ़ा -
तुम जहाँ जिस रूप में भी हो विराजित,
हम तुम्हारा ध्यान करते हैं यहीं से।
विजय सक्सेना "विजय" ने पढ़ा-
केवल "केवल" हैं नहीं आज हमारे बीच,
याद हृदय में आज भी उन्हें रही है खींच ।
इनके अलावा देर तक चली इस गोष्ठी में महेश मित्र, प्रमोद पाठक, डॉ.गीतम सिंह, गुरुचरण मिश्र, विष्णु असावा, ओजस्वी जौहरी, आदि ने काव्य पाठ किया।
215वीं रैंक पाकर आई.ए.एस. बनने वाले आयुष का अभिनंदन
इस अवसर पर यू.पी.एस.सी. में 215वीं रैंक पाकर आई.ए.एस. बनने वाले आयुष पाठक का शाल ओढ़ाकर व प्रतीक चिह्न देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील शर्मा "समर्थ" ने किया । अंत में विवेक खुराना ने सभी का आभार व्यक्त किया।



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