प्रत्येक माह के अंत में प्रधानाध्यापक करेंगे पाठ्यक्रम की समीक्षा
बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, अब प्रत्येक माह के अंत में प्रधानाध्यापकों को पाठ्यक्रम की समीक्षा करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को निजी स्कूलों की तर्ज पर पहले से शिक्षण योजना तैयार करनी होगी, ताकि निर्धारित समय के भीतर कोर्स को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
इस सत्र में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभाग ने सख्त नियम लागू किए हैं। विभाग के निर्देशानुसार, अब केवल कक्षाएं लेना पर्याप्त नहीं होगा। शिक्षकों को विषयवार मासिक योजना बनाकर शिक्षण कार्य करना होगा। महीने के अंत में प्रधानाध्यापक यह जांचेंगे कि कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ और कितना पाठ्यक्रम शेष है। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों को भी मैदान में उतारा गया है। उन्हें समय-समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट जांचने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने चेतावनी दी है कि शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले या योजना के अनुरूप कार्य न करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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