जमानत पर बाहर आए युवक को पूछताछ के लिए लाई थी पुलिस
युवक व उसकी माता ने पुलिस पर लगाए थे आरोप
बदायूं। हुक्का बार संचालन और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में जमानत पर बाहर आए युवक के साथ पुलिस चौकी में मारपीट के आरोपों के बीच पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि पूर्व में दर्ज मामले की पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था, जबकि नए घटनाक्रम में पीड़िता के पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सदर कोतवाली नई सराय के रहने वाले अरबाज की मां अंजुम पत्नी असगर अली ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाए थे कि गुरुवार को उनका बेटा अरबाज बड़े सरकार की जियारत पर गरीबों को खाना देकर लौट रहा था। इसी दौरान लालपुल चौकी पर तैनात दो सिपाही उसे पकड़कर चौकी ले गए और उसके साथ मारपीट की, जिससे उसका हाथ टूट गया। अंजुम का कहना है कि पुलिस ने न तो उनके बेटे का मेडिकल कराया और न ही कोई कार्रवाई की। इस मामले को लेकर परिजनों में आक्रोश है और न्याय की मांग की जा रही है।
सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि एक पीड़िता ने एक मार्च को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें बताया कि अरबाज उसके घेर कर धमकी देता है। जिसके आधार पर अरबाज को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया गया था। पुलिस का दावा है कि वह पूछताछ के दौरान वहां से भाग गया और बाद में आरोप लगाने लगा। सीओ सिटी ने बताया कि पीड़िता के पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।


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