मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को नाबालिग बताने पर भड़का आक्रोश, जांच में निकला बालिग
ढाई घंटे लगा जाम,पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
बिल्सी। अस्पताल के पास से छह साल की बच्ची को अगवा कर दरिंदगी करने वाले आरोपी को नाबालिग बताने पर परिजनों व गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लगा दिया। आरोप था कि पुलिस आरोपी को नाबालिग दिखाकर उसे राहत देने की कोशिश कर रही है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिल्सी कोतवाली के अलावा पांच स्थानों की पुलिस, सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुलवाया। हालांकि, पुलिस ने आधार कार्ड के अनुसार आरोपी को बालिग पाया और उसे जेल भेज दिया।
गुरुवार शाम बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अस्पताल के पास से मासूम को एक युवक अगवा कर खेत में ले गया और उसके साथ युवक ने अपने साथी के सहयोग से दरिंदगी किया। किसी तरह युवक से छूटकर बच्ची अपने घर पहुंची तो उसने पूरी घटना परिवार के लोगों को बताई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बच्ची के बयान के आधार पर आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया और बच्ची के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा।
पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को नाबालिग बताया, जिस पर शुक्रवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिवार वालों के साथ गांव के लोगों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर गांव के बाहर जाम लगा दिया, जो करीब ढाई घंटे तक रहा और राहगीरों को परेशानी हुई। जाम लगने की सूचना मिलते ही बिसौली, सहसवान, इस्लामनगर, उघैती और बिल्सी कोतवाली समेत पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती समय में भीड़ आक्रोशित रही। सीओ केके तिवारी और एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने एक अन्य युवक की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है, जिस पर पुलिस गहन जांच कर रही है।
पुलिस पर लगाए आरोप
बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है। पीड़िता की दादी ने बताया कि गुरुवार शाम एक निजी अस्पताल में पीड़िता की मामी की डिलीवरी हुई थी। बच्ची अस्पताल गई थी, इस दौरान वारदात हो गई। बच्ची के चाचा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसका मुंह दबाकर बीच सड़क से ही अपहरण किया गया। जब वह घर पहुंची तो उसके कपड़े खून से सने हुए थे, जिसे देख परिजन सन्न रह गए। चाचा का आरोप है कि पुलिस आरोपी को नाबालिग दिखाकर मामले को हल्का करने की कोशिश कर रही है और तहरीर भी अपने अनुसार लिखवाई गई। परिजनों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पुलिस ने मौके से सबूत तक नहीं उठाए और खून से सने कपड़े भी वे खुद थाने लेकर गए।
एक और युवक के शामिल होने का आरोप
बच्ची के दादा ने आरोप लगाया है दरिंदगी कि वारदात में मुख्य आरोपी के साथ उसका एक साथी भी शामिल था। उनका कहना है कि दोनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया, इसलिए दूसरे युवक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
बच्ची के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दस्तावेजों के अनुसार वह बालिग है। परिजनों द्वारा लगाए गए जाम को पुलिस ने समझाकर खुलवा दिया था। यातायात सुचारू करा दिया गया। परिवार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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