इलाज के दौरान किशोरी की मौत, निजी अस्पताल सील

 बदायूं। इस्लामनगर कस्बे में एक और निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसा है। इलाज के दौरान बालिका की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निजी अस्पताल को सील किया है। हालांकि टीम मौके पर पहुंची तो वहां का स्टाफ पहले ही भाग चुका था। नोटिस चस्पा करने के बाद टीम ने अस्पताल चलाने वाले का नाम पता आसपास के लोगों से पूछा। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की भी तैयारी की जा रही है।

बीते शुक्रवार को इस्लामनगर क्षेत्र के ही गांव भवानीपुर नगला के रहने वाले दिलशाद की 12 साल की बेटी आलिया की तबीयत खराब हो गई थी। दिलशाद के परिजन आलिया को लेकर इस्लामनगर कस्बे के मोहल्ला जमनी में बिना नाम के संचालित निजी हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे। यहां मौजूद स्टाफ ने उसको भर्ती कर लिया। कुछ ही देर में उसके तमाम इंजेक्शन लगाए गए और ज्यादा ग्लूकोज भी चढ़ा दिया गया। कुछ ही देर में हालत में सुधार होने के बजाए आलिया की हालत और बिगड़ती चली गई। कुछ ही देर में उसकी तड़पकर मौत हो गई।

बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस को सूचना दी तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने के बाद मृतिका के परिजन और अस्पताल संचालक में समझौता हो गया। यह मामला जब सुर्खियों में आया तो स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल पर कार्रवाई की तैयारी की। दोपहर के समय एसीएमओ डॉ. नवनीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।

 एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं था, वहां बच्ची की मौत की जानकारी होने पर वह मौके पर गए थे। उनके पहुंचने से पहले ही वहां का स्टाफ और संचालक भाग गया। अस्पताल पर किसी भी नाम का कोई बोर्ड नहीं था, अस्पताल को सील कर नोटिस चस्पा किया गया है।

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