अलापुर में वाटरपार्क में नहाते समय बच्चे की मौत से जागी बदायूं पालिका
शहर के सभी स्वीमिंग पूलों की जांच को 10 सदस्यीय टीम गठित
फात्मा रज़ा, चेयरमैन बदायूं
बदायूं। अलापुर में सात साल के बच्चे की वाटरपार्क में नहाते समय डूबने से मौत के बाद शहर पालिका सतर्क हो गई है। पालिका अध्यक्ष ने 10 सदस्यीय टीम का गठन कर शहर में संचालित स्वीमिंग पूलों व वाटरपार्कों की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा।
बच्चे की मौत के बाद शहर में संचालित स्वीमिंग पूलों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। विभिन्न स्तरों पर यह शिकायतें भी सामने आ रही थीं कि स्वीमिंग पूल बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित किए जा रहे हैं। पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्थिति में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी स्वीमिंग पूल निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिये जलकल अभियंता नितिन सक्सेना की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
ये हैं टीम में शामिल
टीम में जलकल अभियंता नितिन सक्सेना, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक मोहम्मद तय्यब, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक केशव गंगवार, लिपिक सचिन सक्सेना, महेश बाबू, सफाईनायक उमेश, कार्यवाहक स्वच्छता अधिकारी सिद्धार्थ तथा संबंधित क्षेत्र के स्वच्छता अधिकारी, चौकीदार और सफाई कर्मचारी हैं।
टीम मुख्यत: इन बिंदुओं पर करेगी जांच
स्वीमिंग पूल के पास आवश्यक एनओसी और संचालन की वैध अनुमति उपलब्ध है या नहीं। भवन उपयोग परिवर्तन की अनुमति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन इंतजाम, जल निकासी व्यवस्था और प्रदूषित जल के निस्तारण की स्थिति भी परखी जाएगी। सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पानी की गुणवत्ता कैसी है और उसके शुद्धिकरण की क्या व्यवस्था है।
तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
पालिका प्रशासन ने टीम को निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जाए। साथ ही तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में हर स्वीमिंग पूल की स्थिति और कमियों का उल्लेख किया जाएगा। पालिका चेयरमैन का कहना है कि टीम के रिपोर्ट के आधार पर अवैध स्वीमिंग पूलों और वाटर पार्कों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएंगे
जिले में संचालित होने वाले किसी भी वाटरपार्क के पास प्रदूषण बोर्ड की अनापत्ति प्रमाणपत्र न होने के बाद भी जिला प्रशासन के अफसरों की अनदेखी से नियम को ताक पर रखकर स्वीमिंग पूल व वाटरपार्क संचालित हो रहे हैं।
अलापुर में हुई घटना को बदायूं पालिका ने गंभीरता से लिया है। पालिका कर्मियों की 10 सदस्यीय जांच टीम बना दी है। स्वीमिंग पूल व वाटरपार्क के तय मानकों की जांच करेगी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।





टिप्पणियाँ