उझानी सीएचसी पर एमओआईसी बने डॉ. देवेंद्र

  बदायूं। स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रसूता के सीने पर बैठकर प्रसव के बाद एमओआईसी के चार्ज में हुये बदलाव के बाद भी कादरचौक सीएचसी डाक्टर विहीन बनी हुई है। यहां तैनात किये एमओआईसी ने चार्ज नहीं लिया। इधर, सीएमओ ने उझानी के एमओआईसी को पद से हटाकर वहां लेवर वन के डाक्टर को एमओआईसी बना दिया। जिससे यहां विवाद खड़ा हो गया है। नियमों की अनदेखी कर लेवल चार के अफसर को हटाकर लेवल वन के अफसर को चार्ज दे दिया।

सीएमओ ने उझानी के एमओआईसी डॉ. सर्वेश कुमार को हटाते हुये उनके स्थान पर बिनावर की घटपुरी सीएचसी पर तैनात सेकेंड अफसर डॉ. देवेंद्र मौर्य को तैनात किया। डॉ. सर्वेश कुमार को उझानी सीएचसी पर ही सेकेंड अफसर बनाया गया है। इधर, बिनावर की घटपुरी सीएचसी पर उनकी जगह किसी भी डाक्टर को तैनात नहीं किया गया। गंगा एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद से घटपुरी सीएचसी अतिमहत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक्सप्रेस वे पर हादसा होने के बाद जिले की सीमा में सैदपुर, घटपुरी, दातागंज, और रूदायन सीएचसी पर ही सबसे पहले ले जाया जायेगा। ऐसे में डाक्टर न होने से मरीजों को उपचार कौन देगा। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अफसरेां ने ध्यान नहीं दिया। जबकि एक्सप्रेव वे के शुभारंभ के बाद अब तक तीन हादसे हो चुके हैं।

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