सुरक्षा के दावे फेल, गंगा में स्नान करते 27 श्रद्धालु डूबे, 5 की मौत
ज़िले में तीन हादसों ने खोली प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल
बदायूं। ज्येष्ठ दशहरा पर जिले में गंगा घाटों पर स्नान करते समय ज़िले में 27 श्रद्धालु डूब गए। इनमें फुफेरे भाई-बहन सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची अब भी लापता है। छह श्रद्धालुओं को सकुशल बचा लिया गया। घटना की जानकारी के बाद डीएम व एसएसपी कछला पहुंचे।
हाथरस के सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव कानू निवासी ओमवीर रिश्तेदार नेत्रपाल निवासी गांव पिछौता के साथ गंगा स्नान करने आए थे। कछला घाट से करीब एक किलोमीटर दूर स्नान के दौरान ओमवीर का 16 वर्षीय बेटा नीलेश और उसकी 17 वर्षीय फुफेरी बहन शिखा पुत्री नेत्रपाल डूब गए। काफी देर बाद पुलिस ने नीलेश का शव बरामद कर लिया, लेकिन शिखा का सुराग नहीं लग सका।
इनके अलावा हाथरस के मुढ़सान निवासी 20 वर्षीय रोहित और बदायूं के सिविल लाइंस के सिरसा दबरई गांव निवासी राजकुमार की भी गंगा में डूबने से मौत हो गई।
वहीं उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना घाट पर मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर निवासी 19 वर्षीय पिंटू डूब गया। फर्रूखाबाद के गांव नुनैरा निवासी 18 वर्षीय अनुपम मामा के साथ स्नान करते डूब गए। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
हादसों ने ज्येष्ठ दशहरा स्नान पर्व पर कछला गंगा घाट पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई। नियमित स्नान घाट छोड़कर श्रद्धालु दूर एकांत स्थानों पर स्नान करते रहे, लेकिन उन्हें रोकने या सतर्क करने के लिए पुलिस और प्रशासन का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। एक के बाद एक हुए हादसों में नीलेश, रोहित, राजकुमार, पिंटू और अनुपम की डूबने से मौत हो गई, जबकि शिखा अब भी लापता है। हादसों के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सोमवार सुबह हाथरस के हसायन थानाक्षेत्र के गांव कानू निवासी ओमवीर और नेत्रपाल का परिवार मुख्य घाट से करीब 500 मीटर दूर दक्षिणी घाट पर स्नान कर रहा था। इसी दौरान नीलेश और शिखा डूबने लगे। उन्हें बचाने की कोशिश में कई अन्य लोग भी पानी में समा गए, हालांकि गोताखोरों ने कुछ श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दूसरी घटना पुलिस चौकी से पश्चिम दिशा में हुई, जहां एटा के जलेसर निवासी करण और बदायूं के सिरसा दबरई निवासी राजकुमार डूब गए। करण को बचा लिया गया, जबकि राजकुमार की मौत हो गई। तीसरी घटना में हाथरस के मुरसान निवासी रोहित की गंगा में डूबने से जान चली गई। लगातार हुए हादसों ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए।
उसहैत के अटेना घाट पर हुए हादसों से अफरातफरी मच गई। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि मैनपुरी के थाना भोगांव के गांव हुसैनपुर निवासी 18 वर्षीय पिंटू भाई अजय के साथ गंगा स्नान करने अटेना घाट आया था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया। भाई की सूचना पर गोताखोरों ने पिंटू को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, दोपहर करीब तीन बजे फर्रूखाबाद के थाना कंपिल क्षेत्र के गांव नुनैरा निवासी 18 वर्षीय अनुपम मामा जितेंद्र संग गंगा स्नान कर रहा था। डूबने से उसकी मौत हो गई।
डीएम-एसएसपी ने दिए दिशा-निर्देश
ज्येष्ठ दशहरा पर्व पर गंगा स्नान को प्रशासन और पुलिस ने हल्के में लिया। हालांकि पांच दिन पहले कासगंज के एसपी ने घाट का मुआयना किया। रूट डायवर्जन के आदेश दिया, जबकि बदायूं के अफसरों ने जिले के सबसे बड़े गंगा स्नान के आयोजन को नजरदांज किया। न तो रूट डायवर्जन किया और न ही तैयारियों का देखा। वहीं, कछला में नौ लोगों के डूबने के बाद सोमवार दोपहर में पहुंचे डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा ने विभिन्न व्यवस्थाओं की एक-एक कर समीक्षा की। संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीएम ने नाव से भी की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद डीएम और एसएसपी ने अटैना गंगा घाट का निरीक्षण किया

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