मौजूदा प्रधान ही प्रशासक बनकर चलाएंगे गांव की सरकार, ज़िले के 1037 प्रधान बनेंगे प्रशासक

बदायूं। जिले के ग्रामीण अंचल के लिए एक चौंकाने वाला आदेश आया है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के ग्राम प्रधानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। जिले की सभी 1037 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा था, लेकिन अब चुनावी बिगुल बजने तक प्रधान जी की कुर्सी सुरक्षित रहेगी। वे ही प्रशासक बनकर गांव की सरकार चलाएंगे। पंचायती राज विभाग आज देर शाम तक इसका आधिकारिक आदेश भी जारी कर देगा।

जिले के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है, जब कार्यकाल खत्म होने के बाद अफसर को नहीं, बल्कि मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासनिक समिति सौंपकर गांवों के विकास की जिम्मेदारी दी जा रही है। इस फैसले के आते ही जिले के सभी 15 ब्लॉकों के प्रधानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

प्रधान संगठनों की इस मांग पर मुख्यमंत्री की मुहर लगने का सीधा मतलब है कि प्रधान जी पूरे ठाट-बाट के साथ करीब एक साल और अपनी कुर्सी पर डटे रहेंगे। जिले की सभी 1037 ग्राम पंचायतों में अब विकास कार्य न तो रुकेंगे और न ही किसी फाइल पर धूल जमेगी।

जिला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के पंचायती राज इतिहास में यह पहला मौका है जब ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर किसी सरकारी अफसर या सेक्रेटरी को प्रशासक नहीं बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीधे जनता से जुड़े प्रतिनिधियों पर भरोसा जताया है। मौजूदा प्रधान ही प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष बनकर गांव की सरकार चलाएंगे, जिससे विकास कार्यों में लालफीताशाही की अड़चन बिल्कुल नहीं आएगी।


मुख्यमंत्री का निर्णय स्वागतयोग्य है। इससे ग्राम पंचायतों का विकास नहीं रुकेगा। जिले के सभी प्रधानों में खुशी है। इसको लेकर हम लोगों ने आंदोलन भी किए थे। 

- पंकज सक्सेना, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन

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