कछला में भागीरथ घाट पर श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान, गोताखोर रहे तैनात
उझानी। बुद्ध पूर्णिमा पर कछला स्थित भागीरथ घाट पर आस्था से सराबोर नजर आया। करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और फिर जीवनदायिनी की पूजा-अर्चना की। हर-हर गंगे की गूंज के साथ गंगा स्नान का दौर जारी है। बदायूं व आसपास जिलों के अलावा मध्यप्रदेश व राजस्थान के जिले के श्रद्धालु भी गंगाघाट पर पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बरेली मथुरा हाईवे पर कछला गंगा घाट से लेकर तीन किलोमीटर दूरी तक वाहन रेंगते नजर आए।
कछला में गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार तड़के से ही शुरू हो गया जो पूर्वाह्न के बाद भी जारी है। तड़के कोई खास भीड़ नही रही लेकिन प्रात: नौ बजे से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। बदायूं और कासगंज जिले के छोर वाले चारों घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। पूजा के बाद कई लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार और कन्या भोज भी कराया। घाट पर महिलाओं ने मंगलगीत गाकर गंगा मइया का गुणगान किया। गंगाघाट के आसपास के आश्रमों में श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कराया। मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से कई गुना अधिक पुण्य अर्जित होता है।
जाम से निपटने को बनाई अस्थाई पार्किंग, फिर भी रहे जाम के हालात
पुलिस प्रशासन ने बरेली मथुरा हाईवे पर जाम से निपटने के लिए गंगा घाट के दोनों और अस्थाई पार्किंग बनाई जहां बैरिकेड लगाकर गंगा घाट पर जाने से वाहनों को रोका गया। भीड़ के चलते बनाई गई अस्थाई पार्किंग बौनी साबित हुई। कछला चौराहे से लेकर गंगा घाट से पहले बनाई गई पार्किंग तक 2 किलोमीटर लंबी दूरी में जाम जैसे हालात रहे। भीड़ के कारण वाहन सुबह नौ बजे से लेकर एक बजे तक रेंगते हुए नजर आए। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते दो पहिया वाहन भी गंगा घाट तक नहीं पहुंच सके। पुलिस चौकी का पूरा मैदान श्रद्धालुओं के दो पहिया वाहनों से भर गया।
गंगा स्नान पर्व कुशल संपन्न करने के लिए नगर पंचायत तहसील और पुलिस प्रशासन तीन दिन से तैयारी में जुटा हुआ था। गंगा घाट पर डूबने जैसी कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए दोनों और 10-10 नावें गोताखोरों के साथ तैनात की गई थी। सभी नाव गंगा स्नान के दौरान गंगा में पेट्रोलिंग करती रही। श्रद्धालुओं को नाव पर बैठे गोताखोर और सुरक्षा कर्मी लगातार चेतावनी भी देते रहे। गंगा स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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