मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना बनी किसानों की समृद्धि का आधार

बदायूँ। जनपद के किसानों के लिए मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को उथले एवं गहरे नलकूपों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी खेती अधिक लाभकारी होकर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। योजना के लाभार्थियों ने मा0 मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

तहसील दातागंज के ग्राम रम्पुरा खुर्द के किसान राजपाल पुत्र भूपराम, माखन पुत्र हरीश चन्द्र, नन्हे राम पुत्र रामचरन ने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजनान्तर्गत उथला नलकूप तथा ग्राम पापड़ हमजापुर के किसान धीरपाल पुत्र दुर्विजय सिंह व ग्राम घिलौर के किसान मोहन लाल पुत्र अँगने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजनान्तर्गत गहरे नलकूप योजना से लाभान्वित होकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजनान्तर्गत उथला नलकूप योजना में वर्ष 2025-26 में किसान राजपाल, माखन, नन्हे राम की अलग-अलग नलकूप की प्रत्येक की लागत 22 हजार रुपए थी, जिनमें से उन्हें 15400 अनुदान प्राप्त हुआ। वहीं मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजनान्तर्गत गहरे नलकूप योजना में वर्ष 2025-26 में किसान धीरपाल व मोहन लाल की अलग-अलग नलकूप की प्रत्येक की लागत 5 लाख 30 हजार रुपए थी, जिनमें से उन्हें 03 लाख 47 हजार रुपए अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से लाभान्वित होकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस कर रहे हैं।

योजना से पूर्व इन किसानों को सिंचाई के लिए वर्षा अथवा किराये के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। समय पर सिंचाई न होने से फसलों की उत्पादकता प्रभावित होती थी तथा किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अधिकांश किसान केवल गेहूं और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों की खेती तक ही सीमित थे।

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत उथले नलकूपों पर अनुदान उपलब्ध कराए जाने से किसानों को स्वयं का सिंचाई साधन प्राप्त हुआ। वहीं गहरे नलकूपों की स्थापना से बड़े क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित हुई। अब किसान समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं तथा किसी अन्य व्यक्ति या साधन पर निर्भर नहीं हैं। इससे खेती की लागत और समय दोनों में कमी आई है।

सिंचाई की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद किसान अब गेहूं, धान, गन्ना, मटर, सरसों सहित विभिन्न लाभकारी फसलों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी कृषि उत्पादकता एवं फसलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  किसानांे अपने नलकूपों से आसपास के किसानों को भी सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।

लाभार्थी किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। आज वे पहले की अपेक्षा अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं तथा उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रही है।

रिपोर्ट : आरज़ू

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