महिला-पुरूष मतदाता अनुपात को बेहतर करने के लिए नोडल अधिकरियों की बैठक संपन्न

महिला वोटरों की संख्या पुरुष के मुकाबले है कम

  बदायूं। जेंडर रेशियो (महिला,पुरूष मतदाता अनुपात) को बेहतर करने एवं स्टेट लेबल में समान्तर करने के लिए नोडल अधिकरियों की बैठक कलक्ट्रेट में की गयी। जिसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात में महिला मतदाताओं का प्रतिशत पुरूष मतदाताओं के सापेक्ष कम है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी त्रिभुवन सिंह ने कहा सु़दृढ लोकतंत्र में महिलाओं की शत-प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य है और जनपद की मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र अर्ह महिला मतदाता का नाम अंकित किया जायेगा। जेंडर रेशियो का लिंगानुपात बेहतर करने के लिए सभी बीएलओ द्वारा अपने-अपने पोलिंग बूथ/ग्राम पंचायत/वार्ड स्तर पर नवविवाहिताओं और भावी अर्ह ऐसी युवतियों को चिन्हित किया जाये जो 18-19 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है, इनके नाम प्राथमिकता के आधार पर मतदाता सूची नियमानुसार दर्ज किये जायें। सभी सुपरवाइजर एवं बूथ लेबिल ऑफीसर घर-घर जाकर सर्वे करें और छूटी हुई महिलाओं के फार्म-छह अनिवार्य रूप से भरवायें। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप की टीम को निर्देशित किया कि वह काॅलेजों , स्वंय सहायता समूह, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से समन्वय बनाकर जेंडर रेशियों को बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें एवं आम जन को वोटर हेल्पलाइन और निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से फार्म-छह आवेदन के लिए जागरूक करें। जिससे कामकाजी और पढ़ी लिखी महिलायें घर बैठकर आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेें।

एडीएम ने कहा की मतदाता सूची में जेंडर रेशियों को राज्य के औसत के समान्तर करना है।जिससे लोकतंत्र के महापर्व में महिलाओं की सहभागिता तय हो सके।

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