कुत्ते के काटने के एक माह बाद मासूम की मौत, लगी थी वैक्सीन की पूरी डोज 

बदायूँ। स्वास्थ्य विभाग से हैरत करने वाला मामला संज्ञान में आया है। तीन रैबीज वैक्सीन लगने के बाद सात साल के बच्चे की संक्रमण से मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उघैती कस्बे की गर्वी पट्टी में रहने वाले नाजिम का सात साल का बेटा ताजीम बीती तीन जून को घर के बाहर खेल रहा था। तभी उसको आवारा कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया। परिजन मरहम पट्टी कराने के बाद उसको लेकर बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल पर पहली वैक्सीन चार जून, दूसरी नौ जून एवं तीसरी 12 जून को लगाई गई। 

नाजिम के मुताबिक बीते शुक्रवार की रात उसकी तबियत बिगड़ने लगी। स्थानीय स्तर पर उपचार से लाभ नहीं मिला, तो उसको अलीगढ़ लेकर चले गए। जहाँ पहुंचने के बाद इसमें रैबीज के लक्षण दिखाई देना शुरू हो गए। वहां से उसको इलाज के लिए दिल्ली ले गए। सोमवार को दोपहर उसको मौत हो गई। मौत होने के बाद परिवार ने शोकाग्रस्त नाजिम व परिवारियों ने किसी भी औपचारिकता से इंकार कर दिया है।

अब ऐसे में रैबीज वैक्सीन की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी हैं। अक्सर लोग कुत्ता बंदर के काटने के बाद रैबीज से बचने के लिए सरकारी अस्पतालों पर ही भरोसा करते हैं। जिससे उनको रैबीज संक्रमण का शिकार न होना पड़े। लेकिन बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन वैक्सीन लगने के बाद भी बच्चे की मौत हो जाना बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। लोगों की मांग है, इसकी जांच होना आवश्यक है।

रैबीज संक्रमण के शिकार बच्चे के कई वीडियो उसके संक्रमण होने के बाद सामने आए। जिसमें उसकी छटपटाहट को देखकर लोग दुखी हो रहे हैं। मां पिता के साथ पूरा परिवार उसको लेकर बिलख रहा है।

इस संबंध में  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अरविंद वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा, बच्चे की मौत किन कारणों से हुई।


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