पति ने ही बड़े भाई और साथियों के साथ मिलकर की पत्नी की हत्या, शव जलाया
बदायूं। 40 दिन से लापता विवाहिता के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। महिला के पति ने बड़े भाई और साथियों के साथ मिलकर पहले उसकी गला घोंटकर हत्या की, फिर शव को सोत नदी के जंगल में जला दिया। वारदात के साक्ष्य मिटाने के लिए जेवर, मोबाइल, गमछा, रस्सी व अन्य सामान घर के आंगन में बने गटर में छिपा दिए। पुलिस ने पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सर्वा का है। बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर पुट्ठी निवासी राजवीर सिंह यादव ने नौ जुलाई को बेटी सत्यवती के एक-दो जून की दरम्यानी रात से लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस की छानबीन में पता चला कि सत्यवती की हत्या उसके पति जय सिंह यादव और जेठ चंद्रपाल यादव ने साथियों रामभान यादव निवासी पाठकपुर, सर्वेश यादव, उसके पुत्र विजय यादव उर्फ छोटू निवासी गोविंदपुर डांडे (थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद) और चंदेले यादव उर्फ झब्बड़ की मदद से की थी। घटना की रात मृतका के हत्यारोपी जेठ ने भी कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी जय सिंह यादव ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की पूरी घटना स्वीकार कर ली है। आोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गटर से सबूत बरामद कर लिए हैं।
जानिए पूरा मामला :
सत्यवती हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे आरोपियों की सोची-समझी साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम को इस तरह छिपाने की कोशिश की कि किसी को लंबे समय तक वारदात का शक ही न हो। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी का भाई और मृतका का जेठ चंद्रपाल यादव आत्मग्लानि और पकड़े जाने के डर से उसी रात खेत में एक पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
दरअसल, महिला के पति और उसके परिजनों ने पहले विवाहिता की गुमशुदगी की कहानी गढ़ी गई, फिर उसके मायके वालों को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि वह कहीं चली गई है और जल्द वापस लौट आएगी। इसी झूठ के सहारे करीब 40 दिन तक परिजन बेटी की तलाश में भटकते रहे। वहीं, पुलिस ने जब गुमशुदगी की जांच शुरू की तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ, मोबाइल फोन की जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच हत्या की ओर मुड़ गई।
इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। पूछताछ में पति जय सिंह यादव ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई चंद्रपाल यादव और भांजे विजय यादव उर्फ छोटू के साथ मिलकर सत्यवती की गला घोंटकर हत्या की थी। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को सोत नदी के जंगल में ले जाकर जला दिया गया, ताकि पहचान और साक्ष्य दोनों मिट जाएं। इसके बाद वारदात से जुड़े जेवर, टूटी चूड़ियां, रस्सी के टुकड़े, पायल, बिछुए, मोबाइल, गमछा, बाल्टी और अन्य सामान घर के आंगन में बने गटर में छिपा दिए गए। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने यह सामान बरामद कर लिया है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि इस मामले में पति जय सिंह यादव, रामभान यादव और चंदेले यादव उर्फ झब्बड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल विजय यादव उर्फ छोटू अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान साक्ष्य मिटाने की पुष्टि होने पर मुकदमे में संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की भी जांच की जाए।
करीब 40 दिनों से लापता महिला की तलाश में जुटी पुलिस ने सोत नदी में महिला का शव होने की सूचना पर सर्च अभियान चलाया। थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से नदी और आसपास के इलाके में काफी देर तक तलाश की, लेकिन कोई शव बरामद नहीं हुआ। सूचना गलत मिलने पर अभियान समाप्त कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने लापता महिला की तलाश तेज कर दी। मामले में थाना पुलिस के साथ एसओजी टीम भी विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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