रिश्वत लेते विजिलेंस का दरोगा रंगे हाथ गिरफ्तार

बदायूं। बिजली थाने में तैनात विजिलेंस के दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने छह हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन की टीम दरोगा को सिविल लाइंस थाने लेकर गई है, जहां उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

बिजली थाने की विजिलेंस टीम ने अलापुर थाना क्षेत्र के गांव नैथू के रहने वाले हेमराज के यहां छापेमारी करते हुए बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया था। विवेचना विजिलेंस के दरोगा कृष्णपाल सिंह को सौंपी गई थी। बिजली चोरी का मामला दर्ज करने के बाद दरोगा कृष्णपाल सिंह ने हेमराज को जेल भेजने की धमकी देना शुरू कर दिया। हेमराज का आरोप है कि दरोगा ने जेल न भेजने और मुकदमे के निस्तारण के बदले में उससे 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। बाद में दरोगा और आरोपी के बीच छह हजार में बात तय हो गई। इसी बीच हेमराज ने एंटी करप्शन टीम बरेली से शिकायत की। एंटी करप्शन बरेली प्रभारी रामलाल पाण्डेय ने बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बिजली थाने पर छापा मारकर दरोगा कृष्ण पाल सिंह को छह हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। टीम प्रभारी ने बताया कि आरोपी दरोगा कृष्णपाल सिंह मूलरूप से बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी के गांव करतौली का रहने वाला है।

चर्चा है कि स्थानीय बिजली थाने में तैनाती के बाद से ही विजिलेंस का दरोगा कृष्णपाल सिंह विवादों में घिरा रहा था। उसका एक सूत्रीय कार्यक्रम था तो वह विवेचना के नाम पर लोगों को जेल भेजने का भय दिखाना। जिस मुकदमे में वह लोगों को जेल भेजने का भय दिखाता था उस अधिनियम के तहत जेल जाने का प्रावधान ही नहीं है। बिल बकाया या फिर बिजली चोरी में जुर्माना वसूले जाने का ही प्रारंभिक प्रावधान है, इसके बाद भी यह दरोगा इस तरह के मामलों में फंसे लोगों को धमकाकर अपनी जेब भर रहा था। हद ज्यादा बढ़ी तो एंटी करप्शन तक इसकी शिकायत पहुंच गई।

 एंटी करप्शन टीम ने जब अचानक छापा मारा तो रिश्वत के पैसे हाथों में लेकर भ्रष्टाचार का आरेापी दरोगा डिवीजन के कैश काउंटर की ओर दौड़ा था, लेकिन टीम ने उसको दबोच लिया। 

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