बिनावर थाने के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, एसएसआई निलंबित

हत्यारोपी इनामी बदमाश को तमंचे के आरोप में भेजा था जेल


बदायूं। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुई विपिन प्रजापति हत्याकांड में फरार इनामी बदमाश को तमंचे में जेल भेजने के मामले में एसएसपी अंकिता शर्मा ने बिनावर थाने के इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को लाइन हाजिर कर दिया। थाने के एसएसआई बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस से मिली रिपोर्ट पर एसपी सिटी की जांच के बाद की गई। एसएसपी ने विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंपी है। लाइन हाजिर किए गए इंस्पेक्टर के स्थान पर डीसीआरबी में तैनात इंस्पेक्टर नीरज को थाने की कमान सौंपी है। नीरज ने कांवड़ यात्रा को देखते हुये आधी रात बाद बिनावर थाने का चार्ज संभाल लिया

गाजियाबाद के लोनी बार्डर क्षेत्र में 12/13 जुलाई की रात हुई विपिन प्रजापति हत्याकांड में फरार 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी सोनू पुत्र ब्रह्मपाल मौके से फरार हो गया। उसने बिनावर थाना पुलिस के इंस्पेक्टर व एसएसआई से सेटिंग करके 23 जुलाई को स्वयं को तमंचे में गिरफ्तार करवा लिया और और जेल चल गया। इस मामले में भेद खुलने के बाद हुई शिकायत पर डीआईजी अजय साहनी ने एसपी सिटी मानस पारिख को जांच सौंपी थी। 

इधर, गाजियाबाद पुलिस की ओर से मिली रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने एसपी सिटी अभिषेक सिंह को जांच सौंपी। शुक्रवार देर शाम एसपी सिटी की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने बिनावर थाने के इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। वहीं थाने के एसएसआई बलवीर सिंह की पूरे प्रकरण में संदिग्ध भूमिका को देखते हुये निलंबित कर दिया। इस प्रकरण में बिनावर पुलिस पर लंबा लेनदेन करने का आरोप लगा था।

बिनावर पुलिस के अनुसार 23 जुलाई को बिनावर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर बिनावर क्षेत्र के एक स्थान से एक युवक को तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया। एफआईआर में आरोपी का नाम सोहनपाल उर्फ सूजल पुत्र ब्रह्मपाल निवासी शिव विहार, करावल नगर उत्तर-पूर्वी दिल्ली दर्ज किया गया और आर्म्स एक्ट में कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया।


गाड़ी का हॉर्न बजाने पर हुआ था विवाद :

 गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र रतिराम कॉलोनी निवासी आजाद प्रजापति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार को उनकी नवजात बेटी का नामकरण था। समारोह खत्म होने के बाद देर रात रिश्तेदारों को उनके गंतव्य तक छोड़ने की जिम्मेदारी छोटे भाई विपिन कुमार को दी गई थी। रात करीब 11:45 बजे विपिन रिश्तेदार जतिन को छोड़ने गए थे। रास्ते में उनका चचेरा भाई गौरव मिल गया। विपिन ने गौरव को भी बाइक पर बैठा लिया। घर से करीब 150 मीटर दूर कॉलोनी में ही रहने वाला सोनू रास्ते में दोस्तों के साथ खड़ा था। उसे हटाने के लिए विपिन ने बाइक का हॉर्न बजाया, लेकिन सोनू ने रास्ता नहीं दिया। इसके बाद विवाद बढ़ा तो सोनू घर से पिस्टल निकाल आया। पहले उसने गौरव पर गोली चलाई, जो उसके बाएं हाथ की अंगुली को छूती हुए निकल गई। इसके बाद उसने विपिन के पेट में दो गोलियां मारी इससे उसकी मौत हो गई। आरोपी बाप-बेटे पर 2020 में हत्या का मुकदमा दर्ज है।


इस मामले की एसपी सिटी से कराई गई जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद बिनावर थाने के इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसआई की भूमिका को देखते हुये उसे निलंबित कर दिया। पूरे मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंपी है।

 - अंकिता शर्मा, एसएसपी

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