जेसीबी विवाद : थानाध्यक्ष व विपक्षियों पर एफआईआर के आदेश
बदायूं,। जेसीबी मशीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद तौसीफ रजा की अदालत ने थाना उसांवा पुलिस को थानाध्यक्ष समेत संबंधित विपक्षियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कर निर्धारित समय में उसकी प्रति न्यायालय भेजने का आदेश दिया।
आवेदक रामभरोसे के मुताबिक वह जेसीबी मशीन का पंजीकृत स्वामी है। उसने वर्ष 2019 में मशीन लोन पर खरीदी थी और 19 फरवरी 2025 को रमन पुत्र ब्रजपाल को 92 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दी थी। आरोप है कि बाद में रमन ने मशीन लौटाने और किराया देने से इनकार कर दिया तथा जेसीबी से जीपीआरएस भी निकाल दिया। दो अगस्त 2026 को मशीन रमन के घर खड़ी होने की जानकारी पर रामभरोसे ने डायल-112 और थाना उसावां पुलिस को सूचना दी। रामभरोसे ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पर रमन से कथित सांठगांठ कर जेसीबी उसके नाम कराने का दबाव बनाने और धमकाने का आरोप लगाया। उसने थाने के सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि होने का दावा किया है।
क्षेत्राधिकारी दातागंज की जांच रिपोर्ट में रामभरोसे और रमन के दोस्त होने तथा रमन के नाम लोन न हो पाने के कारण जेसीबी रामभरोसे के नाम कराने की बात सामने आई। अदालत ने रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र में रामभरोसे का नाम दर्ज होने और उसके खाते से 52,218 रुपये की ऋण किश्त जमा होने का उल्लेख किया। मशीन रमन के कब्जे में होने के आधार पर अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञेय माना।

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