वाराणसी में सम्मानित हुए बदायूं के कवि राजवीर सिंह ‘तरंग’
बदायूं। वाराणसी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समूह ‘उड़ान’ के वार्षिकोत्सव में बदायूं के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षक राजवीर सिंह ‘तरंग’ को उड़ान साहित्य अकादमी की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी के ख्यातिप्राप्त लेखक एवं संगीतकार तथा पद्मश्री से सम्मानित आचार्य राजेश्वर रहे। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर आकाश रहे। कार्यक्रम का संचालन छंदाचार्य मनोज शुक्ल ‘मनुज’ ने किया, जबकि अध्यक्षता उड़ान प्रमुख आचार्य सरोज सिंह ‘परिहार’ ने की। पोज,
मुख्य अतिथि आचार्य राजेश्वर ने कहा कि कवि समाज का आईना होता है। साहित्यकार को बिना किसी पक्षपात के अपने साहित्यिक धर्म का निर्वहन क रना चाहिए। कवि सम्मेलन में राजवीर सिंह ‘तरंग’ ने अपनी रचनाओं का पाठ किया, जिसे मंच और दर्शकों ने खूब सराहा। उनकी रचना की पंक्तियां—
गर्दिशों में भी पाल लेती है, कोई रस्ता निकाल लेती है।
जब भी आता है कष्ट बच्चों पर, मां सभी को संभाल लेती है।
ने श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। समारोह में उन्हें साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर बदायूं जनपद के अनेक शिक्षकों, साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


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