प्रसव के दौरान एक और जच्चा-बच्चा की गई जान, स्टाफ नर्स पर लगाया मौत का आरोप
बदायूं। जनपद में अवैध रूप से संचालित प्रसव केंद्रों में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। आए दिन इस तरह की लापरवाही की खबरें प्रकाश में आ रही है। घटना घटित हो जाने के बाद स्वास्थ्य महकमा कुछ समय के लिए जागता तो है और अस्पताल दिल भी किया जाता है और फिर चुपचाप वहीं अवैध अस्पताल पुनः संचालित हो जाता है।
अब सहसवान में एक बार फिर प्रसव के दौरान जच्चा - बच्चा की मौत का नया मामला प्रकाश में आया है। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने रिटायर्ड नर्स पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद मृतका के पति ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। बाद में वह शव अपने घर ले गए।
नगर में फर्जी तरीके से संचालित प्रसव केंद्रों में कई गर्भवतियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमे की ओर से झोलाछापों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। शुक्रवार को सहसवान के मोहल्ला मुहद्दीनपुर निवासी छोटे की 34 वर्षीय पत्नी भाग्यश्री को प्रसव पीड़ा हुई थी। आरोप है कि सीएचसी पर ले जाने की बात कही। सीएचसी ले जाने पर डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर दिखाने को कहा। छोटे का कहना है कि इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने कहा कि नगर में ही एक रिटायर्ड नर्स के यहां सुरक्षित प्रसव हो जाएगा। वह अपनी पत्नी को लेकर रिटायर्ड नर्स के यहां पहुंचा जहां उसको इलाज के नाम पर ड्रिप चढ़ाई गईं और कई इंजेक्शन लगाए गए उसकी हालत बिगड़ती चली गई। छोटे ने कहा कि वह कहीं बाहर दिखवा लेगा, लेकिन उसको सुरक्षित प्रसव का भरोसा दिया गया।
गर्भवती सीएचसी पर आई थी, वह मृत अवस्था में थी। उसका पति ने लिखकर दिया है कि वह किसी पर कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। मृतिका का पति सीधे तौर पर रिटायर्ड नर्स को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है, मामले की जांच की जायेगी।
- डॉ. प्रशांत त्यागी, एमओआइसी

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