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कार में अचेत मिलनें के बाद मौत के मामले में व्हाट्सऐप चैट, शपथपत्र और नंबरों को जांच में शामिल करने की मांग बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र में बंद कार में अचेत मिले युवक की अस्पताल ले जाते समय हुई मौत के मामले में न्यायालय के आदेश पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ था। अब मृतक के बड़े भाई ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर व्हाट्सऐप चैट, गवाहों के शपथपत्र और मोबाइल नंबरों की जांच विवेचना में शामिल करने की मांग की है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मपुर के रहने वाले राजीव कुमार साहू जो मृतक अमन साहू के बड़े भाई हैं। उन्होंने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 12 फरवरी 2026 को अमन साहू अपनी कार से बिसौली जाने के लिए निकले थे। शाम को अलापुर थाना क्षेत्र में उनकी कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली, जिसमें वह अचेत अवस्था में पाए गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना अलापुर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। घटना के बाद परिजन शोक में थे, लेकिन बाद में जुटाए गए तथ्यों के आधार पर नए साक्ष्य सामने लाए गए हैं।
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 कोतवाली गेट पर पति-पत्नी में ढाई वर्षीय तहसीन को लेकर नूरा कुश्ती  उझानी। कोतवाली के गेट के बाहर पति-पत्नी के बीच बच्चे को लेकर सरेआम खींचतान शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर तमाशबीनों की भीड़ लग गई। कस्बा उझानी के मोहल्ला चटईया के रहने वाले हसनू पुत्र बच्चन व उनकी पत्नी रवीना के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। रवीना ढाई साल के वर्षीय बच्चे तहसीन को लेकर डेढ़ माह पहले अपने मायके चली गई थी। हसनू ने पत्नी व बच्चे को बुलाने के लिए पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया था। मंगलवार दोपहर रवीना बच्चे को लेकर उझानी कोतवाली आई थी। तभी कोतवाली गेट के पास दोनों आमने-सामने आ गए और बात इतनी बढ़ गई कि दोनों बच्चे को अपनी ओर खींचने लगे। इस दौरान बच्चा घबराकर रोने लगा, लेकिन दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। कोतवाली गेट पर किशोर की आवाज सुनकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पति-पत्नी व बच्चे को थाने ले गई। एसआई सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि पति-पत्नी में आपसी विवाद था। बच्चे को मां के सुपुर्द कर दिया गया है और पति हसनू के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की जा रही है।
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नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई 25 मई को बदायूं। नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई न्यायाधीश के अवकाश पर होने पर अब सोमवार 25 मई को होगी। पिछली सुनवाई के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया के अधिवक्ताओं ने आदेश कोर्ट में पेश नहीं किया। उनके अधिवक्ता ने तारीख की मांग की। जिसके बाद कोर्ट ने अलगी तारीख दी थी। मामला न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन साक्षी गर्ग की अदालत में चल रहा है। बुधवार को मामले की सुनवाई थी। न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब सुनवाई 25 मई को होगी। पिछली सुनवाई के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया की ओर अधिवक्ताओं ने फिर से कहा, सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने पर वह उक्त मुकदमे में बहस नहीं कर सकते। इस पर कोर्ट ने आदेश पेश करने को कहा। जिसके बाद इस मामले की सुनवाई आठ अप्रैल को करने का आदेश दिया गया था। बुधवार आठ अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने आदेश पेश नहीं कर सके।
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 उझानी सीएचसी पर एमओआईसी बने डॉ. देवेंद्र   बदायूं। स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रसूता के सीने पर बैठकर प्रसव के बाद एमओआईसी के चार्ज में हुये बदलाव के बाद भी कादरचौक सीएचसी डाक्टर विहीन बनी हुई है। यहां तैनात किये एमओआईसी ने चार्ज नहीं लिया। इधर, सीएमओ ने उझानी के एमओआईसी को पद से हटाकर वहां लेवर वन के डाक्टर को एमओआईसी बना दिया। जिससे यहां विवाद खड़ा हो गया है। नियमों की अनदेखी कर लेवल चार के अफसर को हटाकर लेवल वन के अफसर को चार्ज दे दिया। सीएमओ ने उझानी के एमओआईसी डॉ. सर्वेश कुमार को हटाते हुये उनके स्थान पर बिनावर की घटपुरी सीएचसी पर तैनात सेकेंड अफसर डॉ. देवेंद्र मौर्य को तैनात किया। डॉ. सर्वेश कुमार को उझानी सीएचसी पर ही सेकेंड अफसर बनाया गया है। इधर, बिनावर की घटपुरी सीएचसी पर उनकी जगह किसी भी डाक्टर को तैनात नहीं किया गया। गंगा एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद से घटपुरी सीएचसी अतिमहत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक्सप्रेस वे पर हादसा होने के बाद जिले की सीमा में सैदपुर, घटपुरी, दातागंज, और रूदायन सीएचसी पर ही सबसे पहले ले जाया जायेगा। ऐसे में डाक्टर न होन...
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 बिजली की केबल ठीक करते युवक की करंट लगने से मौत,मचा कोहराम बदायूं। घरेलू बिजली की केबल सही करते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजकर जांच शुरू कर दी है। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के विक्रमपुर चरसोरा गांव निवासी रघु शर्मा (30) पुत्र शंकरलाल अपने घर की बिजली की केबल ठीक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आ गए और झटका लगने से नीचे गिर पड़े। परिजन और उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। 
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अदालती आदेशों की तामील में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने कोतवाली प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण, कार्रवाई की चेतावनी बदायूं। जिले की त्वरित अदालत ने अदालती आदेशों की तामील में लापरवाही बरतने पर थाना कोतवाली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। सिविल जज जूनियर डिवीजन ने कोतवाली प्रभारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। कहा, लंबे समय से आरोपियों के खिलाफ जारी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे आदेशों की अवहेलना मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह मामला अमित सक्सेना बनाम टिंकल मेहतानी का एक मामला कोर्ट में लंबित है। अदालत के अनुसार, इस केस के मुख्य आरोपी टिंकल मेहतानी, बबिता मेहतानी, अंकित मेहतानी और संदीप मेहतानी काफी समय से कोर्ट से गैरहाजिर चल रहे हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पहले भी कई बार आदेशिकाएं निर्गत की गई थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी तामील नहीं कराई। कोर्ट ने पुलिस के इस सुस्त रवैये को आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर न्यायिक आदेशों का उल्लंघन है। न्यायालय ने कातवाली प्रभारी को निर्देश दिया है कि वे ...
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हाईकोर्ट आदेशों के उल्लंघन पर उझानी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बार-बार आदेशों के उल्लंघन पर प्रदेश के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को बदायूं के उझानी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने रितेश कुमार गुप्ता की अवमानना याचिका पर दिया है। मामला एक टैंकर को रिलीज करने से जुड़ा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बदायूं ने 30 मार्च 2025 को इस टैंकर को छोड़ने का आदेश दिया था, जिसे बाद में सत्र न्यायालय ने भी बरकरार रखा। इसके बावजूद उझानी पुलिस ने टैंकर को लंबे समय तक रिलीज नहीं किया। हाईकोर्ट ने पाया कि जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद भी थाना प्रभारी ने टैंकर नहीं छोड़ा था।